राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी प्रेम बहन जी की पुण्य स्मृति में मर्यादा दिवस का आयोजन सुभाष नगर, देहरादून में भव्य रूप से संपन्न हुआ। धर्म प्रभाग की पूर्व अंतरराष्ट्रीय चेयरपर्सन रहीं प्रेमलता बहन जी को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए यह आयोजन आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रेम बहन जी के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करने एवं मधुर गीतों की प्रस्तुति से हुई। मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारीज युवा प्रभाग की चेयरपर्सन राजयोगिनी बीके चन्द्रिका वैदी बहन जी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में प्रेम बहन जी के जीवन की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन मूल्य केवल मनुष्य योनि में ही अर्जित किए जा सकते , और प्रेम बहन का जीवन उनके परिवार द्वारा परमात्मा को समर्पित कर देने की भावना का दिव्य फल था, जिसके कारण वे 75 वर्षों तक सतत सेवाओं से जुड़ी रहीं। उन्होंने यह भी कहा कि हम सभी को वर्तमान में जीने की कला सीखनी चाहिए, और तन-मन-धन-जीवन को सकारात्मक व सार्थक बनाकर हीरो समान भूमिका निभानी चाहिए।
उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री स्तर के श्री श्यामवीर सैनी जी ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार रखते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनों की शक्ति रूप प्रेरणा जीवन को रूपांतरित करने वाली है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्था को समाज का रक्षक बताते हुए जीवन में मन के संतुलन व श्रेष्ठ दिनचर्या पर बल दिया। अपने अनुभवों के माध्यम से उन्होंने आध्यात्मिकता की उपयोगिता को स्पष्ट किया और नारी सम्मान की विशेष पैरवी की।
महामंडलेश्वर स्वामी आदिपुरी महाराज ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि आज नेतृत्व का अभाव दिखाई देता है, जिसे आध्यात्मिक मार्ग से ही पुनः पाया जा सकता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा कराए जा रहे सृष्टि के मूल बोध की सराहना की और प्रेम बहन जी के जीवन मूल्यों को याद किया।
इस विशेष अवसर पर प्रेम बहन जी के अनमोल महावाक्य भी साझा किए गए एवं एक भावपूर्ण नाट्य मंचन द्वारा उनकी स्मृति को समर्पित श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में देहरादून सबजोन प्रभारी बीके मंजू दीदी, हरिद्वार सेवा केंद्र प्रभारी बीके मीना दीदी, रुड़की सेवा केंद्र प्रभारी बीके गीता दीदी, बीके तारा दीदी, बीके सोनिया बहन, बीके शीलू दीदी सहित बड़ी संख्या में बीके भाई-बहनों एवं स्थानीय गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। संचालन बीके सुशील भाई द्वारा अत्यंत सुगठित रूप में किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने प्रेम बहन जी के आत्मिक जीवन, सेवा भावना और दिव्य गुणों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।





























