देहरादून में 14 फरवरी 2026 को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, सुभाषनगर सेवाकेन्द्र में महाशिवरात्रि और “ब्रह्माकुमारी संस्था का नवदशकोत्सव” बड़े धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालु भाई-बहन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। अतिथियों का स्वागत शॉल, बैज और पटका पहनाकर सम्मानपूर्वक किया गया। कुमारी पावनी ने सुंदर स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि, अन्तर्राष्ट्रीय सन्त स्वामी योगीराज योगी आशुतोष जी महाराज ने अपने भाषण में कहा कि
ब्रह्माकुमारी संस्था केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के 140 से अधिक देशों में लोगों की मदद कर रही है। यह संस्था शोषित, दुखी और वंचित लोगों को प्यार, दया और सेवा के माध्यम से समाज से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि यहाँ राजयोग के साथ-साथ सभी प्रकार के योग उपलब्ध हैं और इससे तनाव और अवसाद से जूझ रहे लोग भी अपने जीवन में बदलाव ला सकते हैं।
इसके बाद आपदा प्रभाग के सचिव ज्योतिर्मय त्रिपाठी ने अपने अनुभव साझा किए और महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ दी।
ओम शांति रिट्रीट सेंटर, गुरुग्राम की निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने कहा कि
अहंकार और “मैं–मैं” का भाव ही समस्याएँ पैदा करता है। एकाग्रता और संतुलन से ही सच्चा कर्मयोग संभव है। उन्होंने कहा कि इस शिवरात्रि अपने मन-मंदिर को सच्चा शिवालय बनाएं और मनसा-संकल्पों को मजबूत करें।
कुमारी स्वाति और कुमारी नताशा ने ब्रह्माकुमारी संस्था की 90 साल की यात्रा को संवाद के रूप में सभी के सामने पेश किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगात दी गई। मंच का संचालन बी.के. सुशील भाई ने कुशलता से किया।
इस तरह, महाशिवरात्रि और नवदशकोत्सव का यह पावन आयोजन प्रेम, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।





























