दीपों के इस पर्व ने इस वर्ष प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के देशभर के सेवा केंद्रों को आध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित कर दिया। विभिन्न प्रांतों में हुए कार्यक्रमों में बाहरी दीपों के साथ आत्म-ज्योति प्रज्वलित करने का गूढ़ संदेश गूंजा।
सुंदरनगर (हिमाचल प्रदेश) में ब्रह्माकुमारीज गीता पाठशाला सलापड पर भव्य समारोह आयोजित हुआ। राजयोगिनी बी.के. शीला दीदी (मंडी सबजोन इंचार्ज), बी.के. शिखा दीदी (सुंदरनगर प्रभारी) तथा CISF के सहायक कमांडेंट श्री दीपक जोशी जी ने दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। श्री जोशी ने भावुक होकर कहा, “आज सच्ची दीपावली का अर्थ समझ में आया — जब मन का अंधकार मिटे, वही सच्चा प्रकाश है।” सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को जीवन्त बना दिया।
मुंबई (जोगेश्वरी) केंद्र पर अमृत महोत्सव थीम के तहत दीपावली मनाई गई। 120 से अधिक भाई–बहनों ने “स्वराज, स्वच्छता और आत्म-उत्थान” के संकल्प के साथ दीप प्रज्वलित किए।
सिमराही बाजार (बिहार) में “आध्यात्मिक सशक्तिकरण से स्वच्छ और स्वस्थ भारत” विषय पर कार्यक्रम हुआ। राजयोगिनी बी.के. बबीता दीदी ने कहा — “दीपावली घर की नहीं, मन की सफाई का पर्व है।” बच्चों द्वारा प्रस्तुत झांकियाँ और गीतों ने सबके मन को आनंद से भर दिया।
विकासनगर (उत्तराखंड) में बी.के. आरती बहन और बी.के. तारा बहन ने दीपावली के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए कहा — “जब आत्मा का दीप जलता है, तभी जीवन में प्रकाश आता है।” विशेष अतिथि डॉ. विनीता संजय गर्ग (BDM स्कूल चेयरमैन) ने कार्यक्रम की सराहना की।
सोहना (गुरुग्राम) के शांति कुंड भवन में भी दीपावली उत्सव हर्ष और आत्म-स्मृति के साथ मनाया गया, जिसमें 100 से अधिक भाई–बहनों ने भाग लिया। पूरे भारतवर्ष में ब्रह्माकुमारी परिवार द्वारा आयोजित इन आयोजनों ने यह संदेश दिया कि जब आत्मा में ईश्वरीय ज्योति प्रज्वलित होती है, तभी संसार सच्चे अर्थों में प्रकाशमय बनता है।




























