31 मई 2026 को बेतुल में ब्रह्माकुमारीज़ के समाज सेवा प्रभाग द्वारा वरिष्ठ जनों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए “संगम प्रोजेक्ट” का जिला स्तरीय शुभारंभ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में विभिन्न पीढ़ियों के बीच संवाद, सम्मान, सहयोग तथा संस्कारों के संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त कलेक्टर श्री मकसूद अहमद, टीआई श्रीमती अंजना गुरवे, जिला पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुंदरलाल कड़वे तथा जिला सीएससी प्रबंधक श्री कमलेश रघुवंशी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र की प्रभारी बीके मंजू बहन ने अपने संबोधन में कहा कि
संगम प्रोजेक्ट केवल एक अभियान नहीं, बल्कि तीन पीढ़ियों के बीच प्रेम, सम्मान और अनुभवों के आदान-प्रदान का एक सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार को सुखी एवं सुदृढ़ बनाना है तो बच्चों, माता-पिता और वरिष्ठजनों—तीनों पीढ़ियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए आध्यात्मिक शक्ति से जुड़ना होगा। वरिष्ठजनों के अनुभव, युवाओं की ऊर्जा और बच्चों के संस्कारों का समन्वय ही एक आदर्श परिवार और समाज के निर्माण का आधार बन सकता है।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि
आज के भौतिकवादी युग में भौतिक सुविधाओं की प्रचुरता होने के बावजूद मन की शांति का अभाव जीवन को अधूरा बना देता है। उन्होंने आध्यात्मिकता को आंतरिक शांति और सुख का आधार बताते हुए ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा संचालित इस अभिनव पहल की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि समर्पण, त्याग और आपसी प्रेम के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है तथा इस प्रकार के मंच लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित छह दिवसीय आवासीय समर कैंप का भी भव्य समापन हुआ। बच्चों ने गीत, नृत्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित सभी अतिथियों एवं अभिभावकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के अंत में सभी नागरिकों ने राष्ट्रहित, सामाजिक सद्भावना तथा मानवीय मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और एक संस्कारित एवं सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ। यह आयोजन पीढ़ियों के मध्य सामंजस्य, सम्मान और आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ।






















