महेसाना, दिनांक 05 सितम्बर 2025, शुक्रवार प्रातः 10.30 से 12.00 बजे ब्रह्माकुमारीज़ के सौजन्य से ‘मेरा गाँव, बने महान’ सेवा योजना का शुभारंभ गोडली पैलेस, मेहसाना में संपन्न हुआ। इस योजना के अंतर्गत गाँवों में विभिन्न आध्यात्मिक एवं मूल्याधारित प्रवृत्तियों का आयोजन कर सर्वांगीण विकास हेतु कार्य किए जाएंगे।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरला दीदी जी ने अपने प्रेरक उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि “भारत के गाँव मूल्यों से भरी संस्कृति के प्रतीक थे। वहाँ ज्योतियों का आधार भौतिक प्रकाश नहीं बल्कि सद्गुण थे, जिससे पूरा गाँव झगमगाता था। आज भौतिक सुख-सुविधाओं के बावजूद गाँवों की स्थिति दयनीय है। यदि गाँवों को पुनः महान एवं समृद्ध बनाना है तो इसके लिए आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में उतारना आवश्यक है।”
गुजरात में ब्रह्माकुमारीज़ की सेवाओं के 60 वर्ष पूर्ण होने पर डायमंड जुबिली वर्ष मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत 21 दिसम्बर को विश्व ध्यान दिवस पर अहमदाबाद में विश्व शांति हेतु विशाल ध्यान आयोजन किया जाएगा। इसी श्रंखला में सितम्बर एवं अक्टूबर माह में ‘मेरा गाँव, बने महान’ योजना के अंतर्गत पूरे गुजरात के गाँवों के विकास हेतु 5 सितम्बर, शिक्षक दिवस से इस योजना का शुभारंभ सभी सेवा केन्द्रों पर एक साथ किया गया।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र, खेरवा के वैज्ञानिक एवं हेड डॉ. रमेश भाई पटेल ने कहा कि “प्रकृति एवं जीव का तालमेल होने पर ही गाँव समृद्ध बनेगा और इसके लिए मनुष्य के विचारों का शुद्ध होना आवश्यक है। ब्रह्माकुमारी संस्था यही महान कार्य कर रही है।”
बागवानी महाविद्यालय, जगुदन के सहायक प्रोफेसर डॉ. हितेष भाई पटेल ने युवाओं की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि “यदि युवा धन सही दिशा में समय देगा तो गाँव आगे बढ़ेंगे।” उन्होंने प्राकृतिक खेती को भी गाँव की समृद्धि का आधार बताया।
गणपत यूनिवर्सिटी, खेरवा के फार्म मैनेजर एवं ‘वन पण्डित’ पुरस्कार से सम्मानित अश्विन भाई पटेल ने उपस्थित लगभग 100 किसानों को प्राकृतिक खेती के माध्यम से गाँव को महान बनाने की प्रेरणा दी।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी कुसुम बहन ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया। कुमारी श्री एवं परी ने ग्राम्य संस्कृति पर आधारित सुंदर गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर सभी को गाँव की ओर प्रेरित किया। सफल मंच संचालन ब्रह्माकुमारी वर्षा बहन ने किया।
कार्यक्रम के समापन पर दो सरपंचों का सम्मान किया गया एवं सभी अतिथियों को ईश्वरीय भेंट प्रदान की गई।































