गणेश उत्सव के पावन पर्व पर एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने मिलकर कार्यक्रम में भाग लिया और उत्सव का आनंद लिया।
इस मौके पर शीतल बहनजी ने सभी को गणपति के रहस्य पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गणपति केवल बाहरी स्वरूप नहीं, बल्कि आंतरिक पवित्रता, ज्ञान और शक्ति का प्रतीक हैं। जीवन में सकारात्मकता और दिव्यता को स्थापित करने के लिए गणपति के गुणों को अपनाना आवश्यक है।
भाई-बहनों ने इस कार्यक्रम से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया और आत्मिक शांति का अनुभव किया। अंत में सभी को शुभकामनाएँ दी गईं और शांति के वातावरण में कार्यक्रम संपन्न हुआ।



























