गुजरात, जिसे स्नेहपूर्वक मधुबन का दूसरा कमरा कहा जाता है, ने वर्ष 2025 में ईश्वरीय सेवाओं के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में अत्यंत भव्य और संगठित रूप में डायमंड जुबली वर्ष का आयोजन किया। यह वर्ष आपसी एकता, विश्वास और समर्पण का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा, जिसमें पूरे गुजरात के सभी सेवा केंद्रों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस विशेष वर्ष को तीन प्रमुख प्रोजेक्ट्स के माध्यम से मनाया गया, जो इस प्रकार हैं:

प्रोजेक्ट 1: बिलियन मिनट्स ऑफ पीस अपील (24 अक्टूबर – 21 दिसंबर 2025)
वैश्विक शांति की स्थापना के उद्देश्य से यूएन डे (24 अक्टूबर) से 21 दिसंबर 2025 तक “बिलियन मिनट्स ऑफ पीस अपील” प्रोजेक्ट संचालित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत शांति दान रथ, शांति कमेंट्री, आपसी संवाद, वीडियो प्रेजेंटेशन एवं घर-घर दीप प्रज्वलन जैसे माध्यमों से स्कूल, कॉलेज, कॉर्पोरेट संस्थानों, बैंकों, सोसाइटियों, मॉल, गार्डन तथा बीके परिवारों के घरों और गीता पाठशालाओं में लाखों लोगों से संपर्क किया गया। इस प्रयास से शांति के करोड़ों मिनट्स एकत्रित किए गए। अधिकतम मिनट्स एकत्रित करने वाले 10 सेवा केंद्रों को शांतिवन के डायमंड हॉल में मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।


प्रोजेक्ट 2: राज्यव्यापी शांति पदयात्रा (23 नवंबर 2025)
रविवार, 23 नवंबर 2025 को पूरे गुजरात में एक ऐतिहासिक “शांति यात्रा” का आयोजन किया गया। प्रदेश के 500 सेवा केंद्रों एवं 5000 गीता पाठशालाओं में एक ही दिन, एक ही समय प्रातः 7 से 8 बजे तक हजारों बीके भाई-बहनों ने 2 से 5 किलोमीटर की शांति पदयात्रा निकाली। सफेद वेशभूषा, मुख पर मधुर मुस्कान, हाथों में शांति संदेश लिए यह अनुशासित यात्रा ऐसा प्रतीत करा रही थी मानो फरिश्तों की रूहानी सेना धरती पर अवतरित हो गई हो। यह आयोजन गुजरात की एकता और आध्यात्मिक शक्ति का जीवंत उदाहरण बना।

प्रोजेक्ट 3: शांति अनुभूति दिव्य समारोह (21 दिसंबर 2025 – विश्व ध्यान दिवस)
विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर 21 दिसंबर 2025 को अहमदाबाद स्थित गुजरात यूनिवर्सिटी सिटी ग्राउंड में “शांति अनुभूति दिव्य समारोह” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 60,000 भाई-बहनों की उपस्थिति रही तथा मधुबन एवं 15 से अधिक देशों से भी साधकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सेवा रत्नों का सम्मान, महानुभावों के वीडियो संदेश, सात मूल्यों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा 60 बीके कलाकारों द्वारा सुसज्जित रंगारंग मंच मुख्य आकर्षण रहे। यह समारोह 70 देशों में लाइव प्रसारित किया गया। विशेष रूप से, विश्व शांति हेतु सामूहिक ध्यान को वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान प्राप्त हुआ, जिसके लिए आदरणीय भारती दीदी एवं गुजरात की वरिष्ठ बहनों को सम्मानित किया गया।


इस भव्य आयोजन की सफलता के पीछे 8 महीनों का सतत पुरुषार्थ, 1000 से अधिक सेवाधारियों की निस्वार्थ सेवा, 45 समितियों का कुशल संचालन, सभी सेवा केंद्रों का स्थूल एवं सूक्ष्म योगदान तथा वरिष्ठ बहनों का सशक्त मार्गदर्शन रहा। साथ ही आदरणीय सरला दीदी जी की निरंतर सकाश ने इस आयोजन को विशेष ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

इस प्रकार, डायमंड जुबली वर्ष गुजरात के लिए केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागृति, एकता और विश्व शांति का एक प्रेरणादायक अभियान सिद्ध हुआ।
























