23 जनवरी 2026 को ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से गुजरात ग्लोबल रिट्रीट सेंटर में नवनिर्मित ओम शांति भवन ऑडिटोरियम में एक विशेष आध्यात्मिक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था की अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता बीके शिवानी ने अपने प्रथम व्याख्यान में “आध्यात्मिकता से रिश्तों में तालमेल” विषय पर बहुत ही सरल, भावपूर्ण और जीवन से जुड़ा हुआ मार्गदर्शन दिया।
अपने उद्बोधन में बीके शिवानी ने कहा कि
आज के समय में आध्यात्मिकता जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने सहज उदाहरण देते हुए समझाया कि हम जीवन में किसी व्यक्ति को अपने मन में बैठाकर रख सकते हैं, जिससे बाहर से कोई नुकसान नहीं दिखता, लेकिन भीतर ही भीतर अशांति बढ़ने लगती है। जब हम किसी को मन में रख लेते हैं, तो अपेक्षाएं बढ़ती जाती हैं और मन अशांत होने लगता है।
उन्होंने कहा कि
राजयोग हमें यह सिखाता है कि सबके साथ रहो, सबको अपनाओ। पहले हमारा परिवार छोटा होता है, लेकिन आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के बाद हमारा परिवार बहुत बड़ा हो जाता है और हम कई लोगों के साथ प्रेम से रहना सीखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मन और बुद्धि में किसी एक को बाँधकर रखने के बजाय परमात्मा को स्थान दो और सभी रिश्तों को उनका सही और संतुलित स्थान दो।
इस कार्यक्रम में अहमदाबाद, गांधीनगर और हिम्मतनगर जिलों से आए 2000 से अधिक भाई-बहनों ने सहभागिता की और गहरी आध्यात्मिक शांति व ऊर्जा का अनुभव किया।
आयोजन में वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके नेहा, डॉ. मुकेश पटेल, सामाजिक कार्यकर्ता विनय शुक्ला, जैन ग्रुप के ट्रस्टी डॉ. प्रवीण पटेल, फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन के सचिव डॉ. आकाश गोहिल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
पूरा वातावरण शांति, अपनापन और सकारात्मक सोच से भरा हुआ था। यह कॉन्फ्रेंस प्रतिभागियों के लिए रिश्तों को समझने, उनमें संतुलन बनाने और जीवन में सच्ची शांति का अनुभव करने का एक सुंदर और यादगार अवसर बनी।






























