हरिद्वार के संस्कृत अकादमी परिसर में विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ द्वारा आयोजित वार्षिक अधिवेशन में ज्ञान और संस्कृति की उज्ज्वल किरणें बिखरीं। इस पावन अवसर पर ब्रहमाकुमारीज़ संस्था से जुड़े बीके सत्येन्द्र को “विद्या सागर” की मानद उपाधि प्रदान की गई, जबकि बीके मंजु दीदी को “भारत गौरव सम्मान” से अलंकृत किया गया।
यह सम्मान समारोह न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि हिंदी भाषा, संस्कृति और अध्यात्म के समन्वय का भी प्रतीक बना। देश के 12 राज्यों से पधारे प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने अपनी उपस्थिति से इस आयोजन को गौरवान्वित किया। पूरे कार्यक्रम में साहित्यिक विमर्श, प्रेरणादायी विचार गोष्ठियाँ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं।
अधिवेशन का उद्देश्य हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति के संवर्धन की दिशा में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश देना रहा। यह आयोजन उस बात का प्रमाण बना कि जब ज्ञान, संस्कार और सेवा एक साथ आते हैं, तो समाज में आध्यात्मिक जागृति का दीप स्वतः प्रज्वलित होता है।























