हिमाचल प्रदेश के जयसिंहपुर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कर्णघाट में ब्रह्माकुमारीज़ के तत्वावधान में "जीवन में नैतिक शिक्षा का महत्व" विषय पर एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में नैतिक मूल्यों, चरित्र निर्माण तथा आध्यात्मिक जागरूकता का विकास करना था।
कार्यक्रम में माउंट आबू से पधारे राजयोग प्रशिक्षक बीके भगवान भाई ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि
शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल भौतिक उपलब्धियाँ प्राप्त करना नहीं, बल्कि श्रेष्ठ चरित्र का निर्माण, सत्य के मार्ग पर चलना तथा जीवन को नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों से समृद्ध बनाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मअनुशासन और आध्यात्मिकता को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कर्णघाट के प्राचार्य श्री अश्विनी कुमार तथा स्थानीय ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र की प्रभारी बीके सपना भी उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को मूल्यनिष्ठ जीवन जीने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया, जिससे उन्होंने मन की एकाग्रता, आंतरिक शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। उपस्थित सभी ने इस कार्यक्रम को प्रेरणादायी एवं जीवनोपयोगी बताते हुए नैतिक मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

















