कोलकाता के बिरला भारती स्कूल में करीब 90 शिक्षकों के लिए विशेष ‘वर्क-लाइफ बैलेंस’ कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का संचालन कोलकाता के मेडिटेशन म्यूजियम सेवा केंद्र से राजयोग शिक्षिका बीके सुप्रिया एवं बीके अंजलि ने किया। सत्र के दौरान शिक्षकों को सकारात्मक सोच, माइंडफुलनेस, आत्म-जागरूकता तथा विचारों के प्रबंधन के माध्यम से मानसिक शांति, स्पष्टता और जीवन में संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
कार्यशाला में शिक्षकों को यह अनुभव कराया गया कि जब व्यक्ति स्वयं के भीतर शांति और संतुलन विकसित करता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव उसके कार्यक्षेत्र, परिवार तथा संपर्क में आने वाले लोगों के जीवन पर भी पड़ता है।
इस अवसर पर बिरला भारती स्कूल की प्राचार्य मधुमिता सील ने भी अपने अनुभव साझा किए और शिक्षकों के लिए ऐसे कार्यक्रमों को उपयोगी बताया।
कार्यशाला ने शिक्षकों को तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने, स्वयं के विचारों को समझने और जीवन में आंतरिक शांति एवं संतुलन विकसित करने की प्रेरणा दी।




























