राजकोट के हैप्पी विलेज रिट्रीट सेंटर में फाइनेंस फ्रेटरनिटी सेवा विंग द्वारा बैंक मैनेजर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी एवं वित्त क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए ‘माइंड मनी मैनेजमेंट’ विषय पर विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में गुजरात जोन की निदेशिका राजयोगिनी बी.के. भारती दीदी की विशेष उपस्थिति रही। प्रभाग के वाइस चेयरमैन बी.के. सीए ललित भाई ने
कार्मिक अकाउंटिंग की फिलॉसफी को सरल रूप में समझाते हुए कहा कि हमारी हर सोच, बोल और कर्म का जीवन पर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार बैंक में हमारा आर्थिक खाता होता है, उसी प्रकार आध्यात्मिक रूप से हमारे विचारों, व्यवहार और कर्मों का भी एक खाता बनता है।
उन्होंने कहा कि
हमारे द्वारा किए गए कर्मों के आधार पर हमें दुआएं या बद्दुआएं प्राप्त होती हैं। सकारात्मक विचार, श्रेष्ठ बोल और अच्छे कर्म दुआओं के रूप में हमारे आध्यात्मिक खाते में जमा होते जाते हैं। इसलिए स्थूल धन के साथ-साथ दुआओं और शुभकामनाओं का धन अर्जित करना भी आवश्यक है।
सेमिनार में एलआईसी एसडीएम डिवीजन हेड डॉ. एम.के. दवे, माही मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के चीफ एग्जीक्यूटिव आलोक कुमार गुप्ता, आरडीसी बैंक के सीईओ सखिया साहब, आईसीआई के चेयरमैन सीए धवल दोषी तथा नथानी ब्लड बैंक के संचालक नथानी साहब सहित वित्त क्षेत्र से जुड़े करीब 200 प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे।
डॉ. एम.के. दवे ने बी.के. भाई-बहनों के सानिध्य से अनुभव होने वाली सकारात्मक ऊर्जा की सराहना की। वहीं आरडीसी बैंक के सीईओ सखिया साहब ने सेमिनार को प्रोफेशनल ज्ञान के साथ आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करने वाला बताया।
सेमिनार में मानसिक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने, विचारों में परिवर्तन लाने तथा जीवन में संपूर्णता और परिपूर्णता की ओर बढ़ने पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को आर्थिक प्रबंधन के साथ-साथ मन एवं कर्मों के प्रबंधन पर ध्यान देने की प्रेरणा दी गई।
राजकोट के हैप्पी विलेज रिट्रीट सेंटर में आयोजित इस विशेष सेमिनार के माध्यम से वित्त क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स को आध्यात्मिक मूल्यों और व्यावसायिक जीवन के संतुलन का संदेश दिया गया।



















