3 जुलाई 2026 को इंदौर स्थित ज्ञान शिखर ओम शांति भवन में ब्रह्माकुमारीज़ के सुरक्षा सेवा प्रभाग द्वारा संचालित ‘स्वसशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण’ अभियान का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर सुरक्षा बलों, पुलिस अधिकारियों तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मानसिक सशक्तिकरण, आध्यात्मिक मूल्यों एवं राजयोग मेडिटेशन के महत्व पर गहन चिंतन एवं मंथन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक श्री अनुराग ने अपने संबोधन में कहा कि
पुलिस सेवा में शारीरिक दक्षता के साथ-साथ मानसिक रूप से सशक्त एवं संतुलित होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्थिरता और सकारात्मक सोच से ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।
इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका बीके हेमलता दीदी ने कहा कि
यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सशक्त विचारधारा है। उन्होंने बताया कि स्वसशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ है—हर परिस्थिति में स्वयं को संभालने की क्षमता, मानसिक संतुलन बनाए रखना तथा भावनात्मक रूप से स्थिर रहना। उन्होंने सभी को नकारात्मकता से ऊपर उठकर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में प्रेरक वक्ता बीके संजीव, बीके कमल तथा बीएसएफ के पूर्व पुलिस निरीक्षक श्री अशोक यादव ने भी अपने प्रेरणादायी विचार साझा किए।
सुरक्षा सेवा प्रभाग के राष्ट्रीय समन्वयक बीके शैलेंद्र ने प्रभाग की 25 वर्षों की सेवाओं एवं राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान का परिचय कराया।
विशाखापट्टनम से पधारी बीके माधुरी ने सभी उपस्थितजनों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया तथा आंतरिक शांति एवं आत्मिक जागरूकता का अनुभव कराया। समापन अवसर पर बीके उषा ने सभी प्रतिभागियों को व्यसनमुक्त, मूल्यनिष्ठ एवं सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश विशेष रूप से दिया गया कि मन को शांत रखना ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। बाहरी परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी हों, यदि व्यक्ति स्वयं को शांत स्वरूप आत्मा के रूप में स्मृति में रखकर अपने दायित्वों का निर्वहन करता है, तो वह कठोर निर्णय लेते हुए भी भीतर से शांत, संतुलित और सकारात्मक बना रह सकता है। यही स्वसशक्तिकरण का वास्तविक स्वरूप है, जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र—तीनों को सशक्त बनाने का आधार है।



























