15 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित ब्रह्माकुमारीज़ पश्चिम विहार सेवा केंद्र के आनंद भवन परिसर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अत्यंत सुंदर, प्रेरणादायी एवं भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय के समाज सेवा प्रभाग (आर.ई.आर.एफ.) एवं भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के मध्य हुए समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) के अंतर्गत संचालित राष्ट्रव्यापी अभियान “संगम : गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” के अंतर्गत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस आयोजन का कुशल नेतृत्व ब्रह्माकुमारीज़ पश्चिम विहार सेवा केंद्र की वरिष्ठ राजयोगिनी बी.के. सुषमा दीदी जी एवं वरिष्ठ भ्राता राजयोगी बी.के. रमेश भाईजी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन बी.के. सरिता दीदी द्वारा अत्यंत सहज, स्नेहपूर्ण एवं प्रभावशाली ढंग से किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जी.पी. भगत, संस्थापक, संत हर दयाल शैक्षिक एवं अनाथ कार्य संस्था (SHEOWS), दिल्ली ने अपने संबोधन में बुजुर्गों की वर्तमान सामाजिक स्थिति पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि
आज अनेक वरिष्ठ नागरिक अपने ही बच्चों द्वारा उपेक्षित एवं प्रताड़ित किए जा रहे हैं तथा वृद्धाश्रमों में बढ़ती संख्या समाज के नैतिक पतन को दर्शाती है। उन्होंने विशेष रूप से ब्रह्माकुमारीज संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि भारत की प्राचीन आध्यात्मिक संस्कृति को पुनः उजागर कर वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित जीवन प्रदान करने की दिशा में ब्रह्माकुमारीज़ का समाज सेवा प्रभाग अत्यंत सराहनीय भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर रायपुर रानी, अंबाला की प्रशासिका ब्रह्माकुमारी किरण दीदी जी ने वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु आध्यात्मिक पुनः जागृति को आवश्यक बताया। उन्होंने अपने मधुर गीत के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के हृदय में आनंद, उत्साह एवं प्रसन्नता की लहर जागृत कर दी।
कार्यक्रम में गीत, संगीत एवं नाटिकाओं के माध्यम से नई पीढ़ी को वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, स्नेह एवं खुशियाँ देने का सशक्त संदेश प्रस्तुत किया गया। यह आयोजन वरिष्ठ नागरिकों के आत्मसम्मान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज में मानवीय मूल्यों को पुनः स्थापित करने की एक प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय पहल सिद्ध हुआ।



























