नागपुर के जामठा स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के विश्व शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर का आठवां वर्धापन दिवस आध्यात्मिक उल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। शांत वातावरण, आत्मचिंतन और राजयोग की अनुभूति के इस केंद्र में आयोजित समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों एवं ब्रह्माकुमारीज़ के वरिष्ठ भाई-बहनों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी.डी. राठी जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शांतिवन से आए आवास निवास प्रभारी बी.के. देव भाई, बी.के. चेतन भाई एवं बी.के. संजय भाई, बिजनेसमैन सुशील अग्रवाल जी, वरिष्ठ राजयोगी बी.के. प्रेम प्रकाश भाई तथा वीएनआईटी के डायरेक्टर प्रेमलाल भाई सहित अनेक भाई-बहनों की उपस्थिति रही।
समारोह में विश्व शांति सरोवर की आध्यात्मिक यात्रा, राजयोग के माध्यम से आंतरिक शांति तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए किए जा रहे प्रयासों को चित्रों एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि
श्रेष्ठ संकल्पों और आध्यात्मिक शक्ति के माध्यम से विश्व परिवर्तन की सेवा में सहभागी बना जा सकता है। समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर न्यायपालिका एवं अन्य क्षेत्रों तक आध्यात्मिक संदेश पहुंचाने तथा उन्हें सकारात्मक परिवर्तन की सेवा से जोड़ने की भावना भी व्यक्त की गई।
वक्ताओं ने विश्व शांति सरोवर के निर्माण एवं संचालन में सहयोग देने वाले सभी भाई-बहनों के त्याग, तपस्या, सहयोग और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र आज केवल नागपुर या महाराष्ट्र तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर आध्यात्मिक सेवा का माध्यम बन रहा है।
नागपुर सबजोन की निदेशिका बी.के. रजनी दीदी एवं सह-निदेशिका बी.के. मनीषा दीदी के निर्देशन में आयोजित इस वर्धापन दिवस समारोह में केंद्र की सेवाओं एवं आध्यात्मिक गतिविधियों को और आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया गया।
विश्व शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर में राजयोग ध्यान के साथ आध्यात्मिक एवं मूल्य-आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। केंद्र में सभी के लिए निःशुल्क सात दिवसीय राजयोग ध्यान पाठ्यक्रम उपलब्ध है तथा नियमित ध्यान कक्षाएं भी संचालित होती हैं। इसका शांत एवं प्राकृतिक वातावरण आत्मचिंतन, ध्यान और आध्यात्मिक अनुभव के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
आंतरिक शांति से सामाजिक सकारात्मकता और श्रेष्ठ संकल्पों से विश्व परिवर्तन की ओर बढ़ने का संदेश देते हुए समारोह का समापन हुआ।




























