9 जून 2026 को गुजरात के राजकोट स्थित हैप्पी विलेज रिट्रीट सेंटर में ब्रह्माकुमारीज़ के नवदशोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में “आध्यात्मिकता द्वारा सनातन संस्कृति की रक्षा” विषय पर एक भव्य दिव्य संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संपूर्ण सौराष्ट्र क्षेत्र से लगभग 200 संतों, महंतों एवं धर्माचार्यों ने सहभागिता की और सनातन संस्कृति के संरक्षण, आध्यात्मिक मूल्यों तथा विश्व कल्याण में धर्म सत्ता की भूमिका पर अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ गुजरात जोन की निदेशिका राजयोगिनी बीके भारती दीदी सहित अनेक गणमान्य संत एवं आध्यात्मिक विभूतियाँ उपस्थित रहीं। कर्नाटक के हुबली से गीता ज्ञान विदूषी बीके वीणा श्री, अयोध्या धाम से महामंडलेश्वर, भुवनेश्वरी शक्तिपीठ गोंडल के डॉ. रवि दर्शन जी महाराज, रामकृष्ण आश्रम राजकोट के स्वामी गौरी कांतानंद जी महाराज, स्वामीनारायण मंदिर गोंडल के स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज, प्रेरणाधाम आश्रम जूनागढ़ के लालजी बापू, तथा पीस ऑफ माइंड फाउंडेशन के प्रणेता समरश्रुत प्रज्ञ जी सहित अनेक संत महात्मा इस अवसर पर उपस्थित रहे।
संतों द्वारा सनातन संस्कृति की पवित्र दीप ज्योति प्रज्वलित कर विश्व शांति, सद्भावना और आध्यात्मिक जागृति का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा केवल बाह्य परंपराओं से नहीं, बल्कि सत्य, करुणा, सहिष्णुता, आत्मबोध और भाईचारे के आंतरिक जागरण से संभव है।
कार्यक्रम में यह भी विचार व्यक्त किया गया कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति, संत परंपरा और तपस्या ही उसे वैश्विक स्तर पर स्थिरता प्रदान करती है। संतों ने सभी से आह्वान किया कि दैनिक जीवन में ध्यान और आत्मचिंतन को अपनाकर जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ किया जाए।
बीके भारती दीदी ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय निराकार परमात्मा को अर्पित करते हुए सभी संत महात्माओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर अहमदाबाद से आई गायिका बीके डॉ. दामिनी द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी संतों एवं अतिथियों ने ब्रह्माकुमारीज की निस्वार्थ सेवाओं की सराहना की और समाज में आध्यात्मिक जागृति के इस प्रयास को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।






























