वर्ष 2025–2026 के दौरान संपन्न हुई विविध आध्यात्मिक, शैक्षिक एवं सामाजिक सेवाओं की प्रेरणादायक एवं विस्तृत झलकियां आपके समक्ष प्रस्तुत हैं, जो सेवा, समर्पण एवं स्व-उन्नति के सुंदर संगम को दर्शाती हैं।
इस वर्ष “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत पावन सरोवर परिसर में 200 पौधों का वृक्षारोपण किया गया। इस प्रयास ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया, बल्कि पावन सरोवर की प्राकृतिक सुंदरता एवं आध्यात्मिक वातावरण को भी और अधिक दिव्य बना दिया।

नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत पूरे वर्ष 50 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। ये कार्यक्रम विद्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों एवं विभिन्न मेलों में नशा मुक्ति अभियान बस के माध्यम से प्रभावी रूप से संचालित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से समाज में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन की एक नई लहर उत्पन्न हुई।

आईटी विंग के डिजिटल वेलनेस प्रोजेक्ट के अंतर्गत भी व्यापक स्तर पर सेवाएं संपन्न हुईं, जिनके माध्यम से डिजिटल संतुलन, सकारात्मक तकनीकी उपयोग एवं मानसिक शांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया। माउंट आबू से पधारे हिमांशु भाई जी के मार्गदर्शन में सब-जोन के सात सेवा केंद्रों पर कुल 67 विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों से लगभग 8297 विद्यार्थी एवं शिक्षक लाभान्वित हुए, जिससे शिक्षा क्षेत्र में आध्यात्मिक मूल्यों का प्रभावी संचार हुआ।

टच द लाइट सेवा प्रोजेक्ट के अंतर्गत इस वर्ष 24 विद्यालयों में नियमित मूल्य-आधारित कक्षाएं सफलतापूर्वक संचालित की गईं, जबकि 84 विद्यालयों में समय-समय पर विशेष मूल्य-आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रयासों से हजारों विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, संस्कार निर्माण एवं चरित्र विकास को नई दिशा मिली।

इसके अतिरिक्त 19 विद्यालयों में जरूरतमंद विद्यार्थियों को कॉपी, पेन, पेंसिल एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया, जिससे लगभग 1170 बच्चे प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हुए।

जून माह में विभिन्न सेवा स्थलों पर डिवाइन किट समर कैंप का आयोजन किया गया। त्रिदिवसीय बाल शिविरों में बच्चों को आध्यात्मिक मूल्यों, श्रेष्ठ संस्कारों, व्यक्तित्व विकास की प्रेरणा दी गई तथा साथ ही राजयोग का अभ्यास भी कराया गया, जिससे बच्चों में आत्मिक जागरूकता का विकास हुआ।

अगस्त माह में विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर पूरे सब-जोन के 12 सेवा स्थलों पर मेगा ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 477 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। यह सेवा मानवता एवं करुणा की भावना का अनुपम उदाहरण बनी।

अक्टूबर माह में दिल्ली से पधारे डॉ. मोहित गुप्ता जी के सानिध्य में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, वीएसएस इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सहित अनेक प्रमुख संस्थानों में प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनसे युवाओं एवं पेशेवर वर्ग में नई ऊर्जा एवं सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार हुआ।

नवंबर माह में शिक्षा प्रभाग की ओर से पावन सरोवर में फैकल्टी ट्रेनिंग प्रोग्राम एवं शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका सुमन बहन जी सहित देशभर से अनेक शिक्षाविद् एवं प्रतिभागी सम्मिलित हुए।

जनवरी माह में संबलपुर पुस्तक मेले में लगभग सात दिनों तक बुक स्टॉल के माध्यम से अनेक आत्माओं को आध्यात्मिक ज्ञान एवं सकारात्मक साहित्य का लाभ प्रदान किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी, राज्य शिक्षा मंत्री श्री सूर्यवंशी सूरज जी, जिला कलेक्टर एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने सेवा कार्यों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया।

पूरे वर्ष के दौरान मदर्स डे, टीचर्स डे, वर्ल्ड मेडिटेशन डे, सीनियर सिटिज़न्स डे, एवं इंटरनेशनल योगा डे जैसे विशेष अवसरों पर प्रेरणादायक एवं मूल्य-आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक ईश्वरीय संदेश एवं आत्मिक जागरूकता पहुंचाई गई।



साथ ही स्व-उन्नति के उद्देश्य से पावन सरोवर एवं अन्य प्रमुख सेवा स्थलों पर मधुबन से पधारे विशिष्ट महारथी भाई-बहनों के सानिध्य में योग तपस्या भट्टियों का आयोजन किया गया। विशेष रूप से आत्म प्रकाश भाई जी, रूपेश भाई जी, रोहित भाई जी तथा रूस (सेंट पीटर्सबर्ग) से पधारी संतोष दीदी जी के मार्गदर्शन में शिक्षकों, कुमार-कुमारियों, एवं माताओं के लिए अलग-अलग समूहों में गहन योग तपस्या का अभ्यास कराया गया।


इस वर्ष कई सेवा स्थलों पर नए भवनों का उद्घाटन भी संपन्न हुआ, जिससे सेवाओं का विस्तार और अधिक सुदृढ़, संगठित एवं प्रभावी रूप में आगे बढ़ा।

वर्ष भर प्रमुख आध्यात्मिक पर्वों, विशेषकर महाशिवरात्रि एवं रक्षाबंधन जैसे पावन अवसरों पर लाखों आत्माओं तक ईश्वरीय संदेश पहुंचाया गया, जिससे समाज में आध्यात्मिक जागृति एवं सकारात्मकता का विस्तार हुआ।


अंततः यह कहा जा सकता है कि वर्ष 2025–2026 संबलपुर सब-जोन के लिए सेवा, समर्पण, आत्म-उन्नति एवं समाज कल्याण के संतुलन के साथ एक अत्यंत सफल, प्रेरणादायक एवं ऐतिहासिक वर्ष सिद्ध हुआ।
























