असम के तिनसुकिया में ब्रह्माकुमारीज़ तिनसुकिया सबजोन की 50 वर्षों की गौरवपूर्ण आध्यात्मिक एवं निस्वार्थ सेवा यात्रा का भव्य उत्सव स्वर्ण जयंती समारोह के रूप में मनाया गया। विश्व नवीनीकरण के लिए आध्यात्मिक जागृति विषय पर आयोजित इस समारोह में पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिकता और सेवा का सुंदर संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में तिनसुकिया सबजोन की प्रभारी बी.के. रजनी दीदी ने स्वागत संबोधन दिया। विभिन्न समुदायों के कलाकारों ने पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समारोह को विशेष आकर्षण प्रदान किया। संस्था की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बी.के. जयंती दीदी एवं अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बी.के. डॉ. मृत्युंजय भाई के स्वागत में भी मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।
समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय कैबिनेट मंत्री श्री सर्वानंद सोनोवाल ने अपने संबोधन में
ब्रह्माकुमारीज़ के आध्यात्मिक वातावरण और शांति के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने माउंट आबू में बिताए अपने समय को याद करते हुए कहा कि वहां का प्रेमपूर्ण और शांत वातावरण ऐसा अनुभव कराता है, मानो व्यक्ति पहले से ही इस परिवार से जुड़ा हुआ हो। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान और आत्मिक गुणों की जागृति से जीवन में सद्भावना, प्रेम और शांति का संचार होता है। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्ण जयंती स्मारिका का विमोचन भी किया।
मंत्री श्री सोनोवाल ने
आत्मा के मूल गुणों—शांति, प्रेम, सत्यता और आनंद—के साथ पवित्रता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानकर इन मूल्यों को जीवन में धारण करता है, तब उसका व्यवहार और जीवन दोनों सुंदर बन जाते हैं।
इस अवसर पर माकुम के विधायक श्री संजय किशन तथा तिनसुकिया के विधायक श्री पुलक गोहाईं ने भी अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। कटक से आईं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बी.के. सुलोचना ने सामूहिक राजयोगाभ्यास कराया, जबकि चांद बजाज की गीत प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में निकाली गई भव्य शोभायात्रा ने भी शहर में शांति, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश फैलाया। मानव कल्याण से प्रारंभ हुई यह यात्रा चिरवापट्टी, जी.एन.बी. रोड, तिनसुकिया पोखरी एवं ए.टी. रोड से होते हुए पुनः मानव कल्याण पहुंची। लगभग 500 प्रतिभागियों ने रंग-बिरंगे संदेशों वाले प्लेकार्ड लेकर आध्यात्मिक जागृति और सकारात्मक परिवर्तन का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। ब्रास बैंड की मधुर धुनों और सुसज्जित हाथी ने शोभायात्रा के आकर्षण को और बढ़ाया।
कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष श्री योगेश बरुआ तथा नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री जयंत बरुवा ने विशेष अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। कोहिमा की प्रभारी बी.के. रूपा ने राजयोग ध्यान कराया, जबकि नाहरलागुन की प्रभारी बी.के. पूनम ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह के एक अन्य महत्वपूर्ण पड़ाव में, पिछले पांच दशकों की आध्यात्मिक सेवा यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वरिष्ठ भाई-बहनों का भावपूर्ण सम्मान किया गया। वक्ताओं ने उनकी त्याग, तपस्या, अथक परिश्रम और निस्वार्थ सहयोग की भावना को संस्था की गौरवपूर्ण यात्रा का आधार बताया। राजयोगिनी बी.के. जयंती दीदी ने शुभकामनाएं दीं और राजयोगी बी.के. डॉ. मृत्युंजय भाई ने अपने विचार साझा किए।
इस प्रकार, ब्रह्माकुमारीज़ तिनसुकिया सबजोन का स्वर्ण जयंती समारोह पांच दशकों की आध्यात्मिक साधना, मानव सेवा और मूल्यनिष्ठ जीवन का प्रेरणादायी उत्सव बना, जिसने समाज में शांति, सद्भाव और विश्व नवीनीकरण का संदेश प्रसारित किया।

























