बेंगलुरु नगरी, जो अपनी सुखद जलवायु, समृद्ध जीवन संस्कृति तथा उत्कृष्ट शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए प्रसिद्ध है, वहाँ ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विविध स्थानों—गोटीगरे एवं बसगुड़ी—में अनेक प्रेरणादायक सेवाओं का आयोजन किया गया।

बच्चों के लिए समर कैंप फॉर चिल्ड्रन – लिविंग वैल्यूज़ विद एक्टिविटीज का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को सुरक्षित वातावरण में जीवन मूल्यों के साथ कौशल विकास का सुंदर अवसर प्राप्त हुआ। इस शिविर में बच्चों ने खेल-खेल में आध्यात्मिक एवं नैतिक शिक्षाएँ सीखीं।

इसके साथ ही SIR कॉन्फ्रेंस – The Next Frontier of Research: Consciousness, Cognition and Compassion का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें अनेक गणमान्य वैज्ञानिकों ने भाग लिया। यह सम्मेलन आधुनिक विज्ञान और आध्यात्मिकता के समन्वय पर केंद्रित रहा, जिसमें अनेक प्रतिभागियों ने गहन लाभ प्राप्त किया।

माँ के प्रति आभार एवं महिला सशक्तिकरण ही राष्ट्रीय सशक्तिकरण है विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और समाज निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

बोर रेलवे स्टेशन पर नशा मुक्ति एवं होलिस्टिक हेल्थ प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग एक हजार डॉक्टर्स ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. मोहित गुप्ता जी ने शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के संतुलन पर प्रेरणादायक संकल्प प्रस्तुत किए। अनुभूति भट्टी, आदरणीय राजू भाई (मधुबन से पधारे), तथा अन्य टीचर्स एवं विद्यार्थियों ने इस सेवा का लाभ लिया और अपने विचार साझा किए।

अनुभूति भट्टी, आदरणीय राजू भाई (मधुबन से पधारे), तथा अन्य टीचर्स एवं विद्यार्थियों ने इस सेवा का लाभ लिया और अपने विचार साझा किए।

भारतीय कृषि एवं ग्राम विकास तथा पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें कृषि विभाग के अनेक अधिकारी एवं वैज्ञानिकों ने भाग लिया। पृथ्वी संरक्षण एवं हरित भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु प्रेरणादायक संदेश दिए गए, जिससे सभी प्रतिभागी गहराई से लाभान्वित हुए।

आदरणीय शारदा दीदी जी द्वारा अनुभूति भट्टी में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए विशेष आध्यात्मिक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें आत्मिक सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग एवं उसके शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों पर सुंदर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मीडिया के माध्यम से व्यापक संदेश प्रसारित हुआ। इसी प्रकार वर्ल्ड मेडिटेशन डे भी अत्यंत उत्साहपूर्वक मनाया गया, जिसमें ध्यान के माध्यम से शांति एवं स्थिरता का संदेश दिया गया।

रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें अनेक लोगों ने स्वेच्छा से भाग लेकर मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य ध्वज फहराने, चैतन्य झांकियों, रथ यात्रा तथा घर-घर संदेश पहुँचाने जैसे विविध कार्यक्रमों के माध्यम से शिव संदेश का प्रसार किया गया, जिससे हजारों लोग लाभान्वित हुए।

इसके अतिरिक्त कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दीपावली, क्रिसमस तथा नव वर्ष जैसे पर्वों को आध्यात्मिक उत्साह एवं दिव्यता के साथ मनाया गया, जिनका उद्देश्य हर आत्मा में ज्योति जागृत करना रहा।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर “Investing in Women” थीम के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण एवं समानता को बढ़ावा देने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

रक्षा एवं स्नेह के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व को अत्यंत धूमधाम से विभिन्न स्थानों पर मनाया गया। इस अवसर पर कर्नाटक के माननीय राज्यपाल तथागत (थावरचंद) गहलोत जी को राखी बांधी गई तथा उन्हें आध्यात्मिक रहस्यों से अवगत कराया गया। इस कार्यक्रम ने सुरक्षा, प्रेम और आध्यात्मिक संबंधों का सुंदर संदेश दिया।

स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस तथा राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें डॉक्टरों एवं नर्सों की सेवाओं का सम्मान किया गया। साथ ही आई कैंप का आयोजन कर अनेक लोगों ने नेत्र सेवा का लाभ प्राप्त किया।

यूथ एवं आईटी विंग द्वारा विभिन्न संस्थानों एवं कार्यालयों में सेवा गतिविधियों के माध्यम से आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन मूल्यों का प्रसार किया गया।

इस प्रकार बेंगलुरु क्षेत्र में आयोजित इन सभी सेवाओं एवं कार्यक्रमों ने समाज में शांति, स्वास्थ्य, सेवा एवं आध्यात्मिक जागृति का सुंदर संदेश फैलाया।

















