ओम शांति !
भारत स्वर्णिम भारत था और भारत का फिर से स्वर्णिम भारत बनने का समय आ चुका है, लेकिन स्वर्णिम भारत के लिए हमें स्वराज्य लाना है। मन बुद्धि और कर्म इंद्रियों पर राज्य और इसकी शुरुआत होगी अपने हर एडिक्शन से खुद को मुक्त करने के लिए।
तो नशा मुक्त अभियान इस मास पूरे देश में चल रहा है। ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय में हम 6 अगस्त से 20 अगस्त के बीच हमने यह संकल्प किया है कि 10 करोड़ लोग कम से कम प्रतिज्ञा करेंगे कि मैं पूरे जीवन नशा मुक्त रहने का प्रतिज्ञा लेता हूं या लेती हूं। अब हम में से कई ऐसे सोचेंगे कि हम तो लेते नहीं हैं या हम लेने भी नहीं वाले हैं। तो हम क्यों प्रतिज्ञा करें?
प्रतिज्ञा एक ऊर्जा होती है। क्योंकि जब हम प्रतिज्ञा करते हैं तो हम एक संकल्प क्रिएट करते हैं। हम एक थॉट क्रिएट करते हैं और वह संकल्प एक एनर्जी है।
और जब इतने करोड़ों लोगों के संकल्प एक ऊर्जा बनेंगे। वह देश का वायुमंडल बनेंगे और वह जो इस समय उस नशे के इन्फ्लुएंस में हैं। उनको उस ऊर्जा की उस एनर्जी की इतनी शक्ति मिलेगी कि उनको नशा मुक्त होने की पावर मिल जाएगी।
तो चले हम सब मिलकर एक सेकंड के लिए परमात्मा को याद करें। अपनी दृढ़ता की शक्ति को इमर्ज करें और यह प्रतिज्ञा करें कि
हम यह पूरे जीवन नशा मुक्त रहेंगे और सबको यह वाइबेशंस फैलाएंगे।
ओम शांति।





