
“स्वास्थ्य को लेकर हम अक्सर चिंतित हो जाते हैं। इस ध्यान के माध्यम से परमात्मा की शक्ति से, हम अपने शरीर में अच्छे स्वास्थ्य की ऊर्जा के कंपन फैलाते हैं।”
ओम शांति ! अपना सारा ध्यान.. बाहर से हटाते हुए.. भृकुटी के बीच लेकर आइए.. अपने आप को देखिए.. मैं कौन हूं? मस्तक के बीच चमकती हुई आत्मा हूं! इस शरीर को चलाने वाली दिव्य शक्ति हूं ! स्वयं को देखें- अनुभव कीजिए अपने आप को....
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