
“ कभी-कभी अपने से और रिश्तों में अपेक्षाएं और शिकायतें होने के कारण हमारे रिश्ते मजबूत नहीं हो पाते।”
Life stages
ओम शांति ! कुछ समय के लिए .. स्वयं को देखते हैं.. पॉइंट ऑफ लाइट.. सेंटर ऑफ द फोरहेड.. भृकुटि के मध्य में.. मैं चमकती हुई आत्मा हूं... प्यार के सागर.. पिता परमात्मा की संतान.. प्रेम स्वरूप आत्मा हूं.. प्रेम.. मुझ आत्मा ...
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