नई दुनिया - New World
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17/05/1969“जादू मंत्र का दर्पण”25/12/1969“अनासक्त बनने के लिए तन और मन को अमानत समझो”02/02/1977“सदा अलंकारी स्वरूप में स्थित रहने वाला ही स्वयं द्वारा, बाप का साक्षात्कार करा सकता है”10/06/1977“मन्त्र और यन्त्र के निरन्तर प्रयोग से अन्तर समाप्त”14/06/1977“देश और विदेश का सैर-समाचार”20/06/1977“सदा सहजयोगी बनने का साधन है - महादानी बनना”08/01/1979“संगमयुग पर समानता में समीप और भविष्य के सम्बन्ध में समीप”14/01/1979“ब्राह्मण जीवन का विशेष आधार - पवित्रता”01/02/1979“मनन-शक्ति ही माया जीत बनने का साधन”28/11/1979“प्रवृत्ति में रहते भी निवृत्ति में कैसे रहें?”02/01/1980“आने वाली दुनिया कैसी होगी?”04/01/1980“वर्तमान राज्य-अधिकारी ही भविष्य राज्य-अधिकारी”07/01/1980“संगमयुगी बादशाही और सतयुगी बादशाही”09/01/1980“अलौकिक ड्रेस और अलौकिक श्रृंगार”14/01/1980“रूहानी सेनानियों से रूहानी कमाण्डर की मुलाकात”18/01/1980“स्मृति दिवस पर बापदादा की बच्चों प्रति शिक्षायें”25/01/1980“बिन्दु रूप परमात्मा का बिन्दु रूप आत्मा से मिलन”04/02/1980“भाग्य विधाता बाप और भाग्यशाली बच्चे”15/03/1981“स्वदर्शन चक्रधारी तथा चक्रवर्ती ही विश्व-कल्याणकारी”21/03/1981“सच्ची होली कैसे मनायें?”24/10/1981“सच्चे आशिक की निशानी”29/10/1981“बाप और बच्चों का रुहानी मिलन”18/01/1982“18 जनवरी जिम्मेवारी के ताजपोशी का दिवस”19/05/1983“साक्षी दृष्टा कैसे बनें?”14/12/1983“प्रभु परिवार - सर्वश्रेष्ठ परिवार”14/01/1984“डबल सेवाधारी स्वत: ही मायाजीत”18/01/1985“प्रतिज्ञा द्वारा प्रत्यक्षता (स्मृति दिवस पर विशेष)”21/01/1985“ईश्वरीय जन्म दिन की गोल्डन गिफ्ट - ‘दिव्य बुद्धि’”30/01/1985“मायाजीत और प्रकृतिजीत ही स्वराज्य-अधिकारी”20/02/1986“उड़ती कला से सर्व का भला”04/03/1986“सर्व श्रेष्ठ नई रचना का फाउण्डेशन - निस्वार्थ स्नेह”19/11/1989“तन, मन, धन और जन का भाग्य”01/03/1990“ब्राह्मण-जीवन का फाउण्डेशन - दिव्य बुद्धि और रूहानी दृष्टि”13/10/1992“नम्बरवन बनना है तो ज्ञान और योग को स्वरूप में लाओ”12/11/1992“भविष्य विश्व-राज्य का आधार - संगमयुग का स्वराज्य”31/12/1992“सफलता प्राप्त करने का साधन - सब कुछ सफल करो”09/12/1993“एकाग्रता की शक्ति से दृढ़ता द्वारा सहज सफलता की प्राप्ति”31/12/2002“इस नये वर्ष में सर्व खजाने सफल कर सफलतामूर्त बनने की विशेषता दिखाओ”
