Command Palette
Search for a command to run...
Loading topic
Brahma Kumaris
Murli
Home
Murli Search
Murli Topics
Murli Chintan
AI Murli Chintan (ChatGPT)
Languages
E
English
ह
हिंदी
ગ
ગુજરાતી
త
తెలుగు
Library
Overview
Favorites
Notes & Highlights
Collections
Tracker
Settings
BKOne
Toggle Sidebar
Brahma Kumaris
Murli
Home
Library
Settings
BKOne
Search
K
Toggle theme
Home
Search
BKOne
Library
Settings
परिवर्तन शक्ति - Power of Transform - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
Home
Topics
परिवर्तन शक्ति - Power of Transform
परिवर्तन शक्ति - Power of Transform
37 unique murli dates in this topic
English
हिंदी
ગુજરાતી
తెలుగు
36 murlis in हिंदी
31/12/1970
“अमृतवेले से परिवर्तन शक्ति का प्रयोग”
24/05/1972
“परिवर्तन का आधार - दृढ़ संकल्प”
21/06/1972
“विश्व-महाराजन बनने वालों की विश्व-कल्याणकारी स्टेज”
02/08/1972
“हर कर्म विधिपूर्वक करने से सिद्धि की प्राप्ति”
24/12/1972
“संगमयुगी श्रेष्ठ आत्माओं की जिम्मेवारी”
11/04/1973
“परिवर्तन”
13/09/1975
“विश्व-परिवर्तन ही ब्राह्मण जीवन का विशेष कर्तव्य है”
02/02/1976
“भक्तों और पाण्डवों का पोतामेल”
27/11/1978
“अल्पकाल के नाम और मान से न्यारे ही सर्व के प्यारे बन सकते हैं”
05/12/1978
“मरजीवा जन्म का निजी संस्कार - पहली स्मृति और पहला बोल”
03/12/1979
“विश्व-कल्याणकारी ही विश्व का मालिक बन सकता है”
26/12/1979
“राजयोगी अर्थात् त्रि-स्मृति स्वरूप”
01/02/1980
“सूक्ष्मवतन की कारोबार”
05/04/1981
“समर्थ कर्मों का आधार - ‘धर्म’”
20/01/1986
“पुरुषार्थ और परिवर्तन के गोल्डन चांस का वर्ष”
20/02/1986
“उड़ती कला से सर्व का भला”
07/03/1986
“पढ़ाई की चारों सब्जेक्ट का यथार्थ यादगार - ‘महा-शिवरात्रि’”
02/11/1987
“स्व-परिवर्तन का आधार - ‘सच्चे दिल की महसूसता’”
19/03/1988
“‘याद’ में रमणीकता लाने की युक्तियाँ”
19/11/1989
“तन, मन, धन और जन का भाग्य”
10/04/1991
“दिलतख्तनशीन और विश्व तख्तनशीन बनने के लिए सुख दो और सुख लो”
26/10/1991
“तपस्या का प्रत्यक्ष-फल - खुशी”
18/01/1992
“बाप से स्नेह की निशानी - बाप समान बनना”
12/11/1992
“भविष्य विश्व-राज्य का आधार - संगमयुग का स्वराज्य”
21/11/1992
“कर्मों की गुह्य गति के ज्ञाता बनो”
23/12/1993
“पवित्रता के दृढ़ व्रत द्वारा वृत्ति का परिवर्तन”
18/01/1994
“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”
26/11/1994
“परमात्म पालना और परिवर्तन शक्ति का प्रत्यक्ष स्वरूप - सहजयोगी जीवन”
22/03/1996
“ब्राह्मण जीवन की पर्सनैलिटी - सब प्रश्नों से पार सदा प्रसन्नचित्त रहना”
15/12/1999
“संकल्प शक्ति के महत्व को जान इसे बढ़ाओ और प्रयोग में लाओ”
25/11/2000
“बाप समान बनने के लिए दो बातों की दृढ़ता रखो - स्वमान में रहना है और सबको सम्मान देना है”
20/02/2001
“शिव जयन्ती, व्रत लेने और सर्व समर्पण होने का यादगार है''
15/12/2006
“स्मृति स्वरूप, अनुभवी मूर्त बन सेकण्ड की तीव्रगति से परिवर्तन कर पास विद ऑनर बनो''
31/12/2006
“नये वर्ष की नवीनता - ''दृढ़ता और परिवर्तन शक्ति से कारण व समस्या शब्द को विदाई दे निवारण व समाधान स्वरूप बनो“
31/12/2007
“नये वर्ष में अखण्ड महादानी, अखण्ड निर्विघ्न, अखण्ड योगी और सदा सफलतामूर्त बनना”
18/01/2008
“सच्चे स्नेही बन, सब बोझ बाप को देकर मौज का अनुभव करो, मेहनत मुक्त बनो”