15 फरवरी 2026, गुरुग्राम के सुखराली एनक्लेव, सेक्टर 17A स्थित ब्लिस प्रीमियर में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा शिव स्तुति संगीत संध्या का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शिव महिमा के मधुर गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय और शिवमय हो गया। बड़ी संख्या में शहर के सम्मानित नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व को समझाते हुए ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने सभा को संबोधित किया।
उन्होंने सरल शब्दों में बताया कि शिवरात्रि पर जागरण का असली अर्थ रात भर जागना नहीं, बल्कि आत्म चेतना की जागृति है। उन्होंने कहा कि सच्चा व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि मन में आने वाले नकारात्मक और व्यर्थ विचारों का त्याग करना है। एक दिन का शारीरिक उपवास आसान है, लेकिन मन को गलत सोच से दूर रखना ही सच्चा उपवास है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईश्वर एक है। यदि हम सभी ईश्वर के सच्चे स्वरूप को पहचान लें, तो समाज में आपसी प्रेम और एकता अपने आप स्थापित हो सकती है। परमात्मा शिव ही सत्य, अनादि और अविनाशी सत्ता हैं।
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी परमात्मा शिव से जुड़े आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डाला। भिवाड़ी के सिटी नर्सिंग होम के निदेशक डॉ. रूप सिंह ने बताया कि
योग से तन और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक तनाव से शरीर में बीमारियों से जुड़े जींस सक्रिय हो जाते हैं, जबकि खुशी सबसे बड़ी दवा है। जब हम खुश रहते हैं, तो शरीर स्वयं को स्वस्थ करने की शक्ति बढ़ा लेता है।
संगीत संध्या में प्रसिद्ध पार्श्व गायक पंडित ब्रजेश मिश्रा और ओआरसी के गायक चांद बजाज ने अपने मधुर स्वरों से शिव स्तुति के भजन प्रस्तुत किए। प्रसिद्ध नृत्य कलाकार डॉ. दीपक अरोड़ा, डॉ. शुभ्रा और उनके शिष्यों ने शिव महिमा पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
इस भव्य कार्यक्रम में नगर के गणमान्य व्यक्तियों सहित 400 से अधिक लोगों ने भाग लिया और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।































