चंडीगढ़, 15 अक्टूबर – पवित्रता, आध्यात्मिकता और सेवा की अद्भुत ऊर्जा से ओत-प्रोत वातावरण में सेक्टर 27 स्थित रामलीला ग्राउंड पर ब्रह्माकुमारी संस्थान के नव-निर्मित ‘ग्लोबल डिवाइन लाइट हाउस’ का विधिवत उद्घाटन संपन्न हुआ। इस भव्य समारोह में सैकड़ों श्रद्धालु, गणमान्य अतिथि तथा विभिन्न राज्यों से आए ब्रह्माकुमारी केंद्रों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और शोभायात्रा से हुआ जिसने पूरे क्षेत्र में एक दिव्य वातावरण निर्मित किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आत्मा को छू लेने वाला संदेश दिया — सेवा, शांति और संकल्प ही सच्चे जीवन का आधार हैं।
मुख्य अतिथि हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने नए भवन को “आध्यात्मिक प्रकाश का स्तंभ” बताते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान का यह मिशन केवल भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व को नई दिशा देने में सक्षम है। यह केंद्र समाज में नैतिक मूल्यों, सकारात्मक सोच और आत्मिक जागरण को बल देगा।
माउंट आबू मुख्यालय से मुख्य प्रशासनिक प्रमुख मोहिनी दादी और जयंती दीदी ने अपने वर्चुअल संदेश में इस केंद्र को “सच्चे अर्थों में आत्मिक प्रकाश का स्रोत” बताते हुए समाज में प्रेम, शांति और करुणा के विस्तार की कामना की।
दिल्ली महिला विंग की चेयरपर्सन राजयोगिनी चक्रधारी दीदी ने अपने प्रेरणादायक शब्दों में कहा — “श्रेष्ठ संकल्पों से की गई सेवा ही महानता का आधार है। ग्लोबल डिवाइन लाइट हाउस अंधकार में भी आशा की किरण बनकर चमकेगा।”
कार्यक्रम की प्रमुख आयोजक बी.के. पूनम ने स्वागत भाषण में कहा कि यह केंद्र उन आत्माओं के लिए ऊर्जा केंद्र बनेगा जो शांति और आत्मिक उन्नति की खोज में हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय टंडन ने अपने उद्बोधन में कहा कि भाग्य संयोग से नहीं, बल्कि कर्मों से बनता है। यह केंद्र लोगों को अपने जीवन के सच्चे उद्देश्य को पहचानने की प्रेरणा देगा।
माउंट आबू से पधारे डॉ. शांतनु, राष्ट्रीय मीडिया कोऑर्डिनेटर ने इस केंद्र को “आत्मिक जागरण की नई शुरुआत” बताया। उन्होंने कहा कि यहां केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन को दिव्यता की दिशा में रूपांतरित करने की शिक्षा दी जाएगी।
प्रयागराज से आईं राजयोगिनी मनोरमा दीदी ने कहा कि “विश्व परिवर्तन की शुरुआत आत्म-परिवर्तन से होती है।” वहीं पंजाब जोन की प्रेम दीदी और उत्तरा दीदी ने इस केंद्र को आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बताया।
कार्यक्रम के समापन पर भ्राता कर्मचंद ने सभी अतिथियों, सेवाधारियों और आयोजकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
इस उद्घाटन समारोह ने यह स्पष्ट कर दिया कि ब्रह्माकुमारी संस्थान का यह नया केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि आत्मा को प्रकाश देने वाला “दिव्य दीपस्तंभ” है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा, शिक्षा और आध्यात्मिक जागरण का केंद्र बनेगा।
































