4 मार्च 2026 को गुरुग्राम स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर (ओआरसी) में होली का पावन पर्व अत्यंत उमंग, उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आत्मस्मृति के पवित्र तिलक के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिकता और आत्मीयता से भर उठा। उपस्थित सभी भाई-बहनों ने इस अवसर पर एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हुए प्रेम और खुशी के साथ इस पर्व का आनंद लिया।


इस अवसर पर ब्राजील से पधारे वरिष्ठ राजयोगी बी के केन भाई ने
होली का आध्यात्मिक रहस्य समझाते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आत्मा को विकारों से मुक्त कर प्रेम, शांति और सद्भाव के रंगों में रंगने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि जब हम आत्मस्मृति में रहकर जीवन जीते हैं, तब हमारा जीवन भी इन दिव्य गुणों से भर जाता है।

ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका बी के आशा दीदी ने
भी होली से जुड़ी परंपराओं के वास्तविक और गहन अर्थ को सरल शब्दों में समझाते हुए सभी को प्रेरित किया कि हम अपने जीवन में बुरे संस्कारों को समाप्त कर प्रेम, पवित्रता और खुशी के रंगों से अपने जीवन को सजाएँ।

कार्यक्रम के दौरान बी के एलेक्स और बी के चांद ने गीत और संगीत के माध्यम से सभी के मन में आनंद और उत्साह का संचार किया। रास नृत्य के मधुर और आनंदमय वातावरण में उपस्थित सभी भाई-बहनों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हुए रूहानी रंगों के साथ होली का आनंद लिया।


इस अवसर पर बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी भाई-बहन उपस्थित रहे। पूरे परिसर में प्रेम, खुशी और आध्यात्मिक उमंग का सुंदर वातावरण दिखाई दे रहा था। इस प्रकार ओआरसी में मनाई गई यह होली सभी के लिए एक यादगार और रूहानी अनुभव बन गई, जिसने सभी के हृदय को परमात्म प्रेम और खुशी के रंगों से भर दिया।


























