इंदौर, न्यू पलासिया स्थित ज्ञानशिखर ओमशांति भवन में दिनांक 27 जुलाई को माउंट आबू से पधारे तपस्वी राजयोगी ब्रह्माकुमार सूरज भाई जी की गरिमामयी उपस्थिति में “समाधान – टॉक शो” का प्रभावशाली आयोजन सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक जीवन की भागदौड़ में जूझ रहे मनुष्य के मनोबल को सशक्त कर, जीवन की उलझनों से समाधान की ओर मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।
मुख्य वक्ता के रूप में ब्रह्माकुमार सूरज भाई जी ने कहा, “समस्याओं का आना पार्ट ऑफ लाइफ है, उससे सहजता से निकलना ही आर्ट ऑफ लाइफ है। असफलता ही सफलता के द्वार खोलती है। आध्यात्मिकता हमें हर परिस्थिति में सकारात्मक रहने और आंतरिक शक्तियों को जागृत करने की दिशा दिखाती है।” उन्होंने यह भी बताया कि सर्वशक्तिमान परमात्मा को जीवन साथी बनाकर हम जीवन के सभी प्रकार के गमों से मुक्त होकर मनोबल को दृढ़ बना सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों द्वारा पूछे गए जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों को प्रसिद्ध टीवी एंकर ब्रह्माकुमार रूपेश भाई ने अत्यंत रोचक और सरल शैली में प्रस्तुत किया, जिनका सहज व समाधानपरक उत्तर सूरज भाई जी ने सभी को संतुष्ट करते हुए दिया।
कार्यक्रम की शुभारंभ वाणी में वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी गीता दीदी ने सभी को संबोधित करते हुए कहा, “वर्तमान समय में हमें अपने परिवार को कलयुगी प्रभाव से बचाते हुए आध्यात्मिकता से जोड़ने की आवश्यकता है। इससे हमारे कर्म पवित्र होंगे और दुआओं की पूंजी में वृद्धि होगी।”
इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज शारीरिक रोगों की तुलना में मानसिक परेशानियाँ अधिक हैं। समाधान कार्यक्रम के माध्यम से हर आत्मा को मन की उलझनों का उत्तर प्राप्त होगा, जिससे दुख-कष्टों का निवारण सहज होगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें विशेष रूप से शामिल रहे:
- फाइनेंस ऑफिसर जयंत नाथ चौधरी
- वी वन हॉस्पिटल के डायरेक्टर ए.एल. शर्मा
- सन्मति स्कूल के प्रिंसिपल चंद्रकांत शर्मा
- एडिशनल कमिश्नर, कस्टम विभाग दिनेश बिसेन
- कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट किरण बिसेन
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, डॉक्टर, इंजीनियर, व्यापारी, समाजसेवी, युवा आदि सभी वर्गों से लगभग 800 गणमान्य लोगों ने लाभ लिया।
आदरणीय सूरज भाई जी के पांच दिवसीय इंदौर प्रवास के अंतर्गत माताओं, भाइयों व टीचर्स बहनों के लिए “बंधनमुक्त सो जीवनमुक्त” विषय पर गहन योग तपस्या भट्ठियाँ भी आयोजित की गईं, जिनमें लगभग 3000 भाई-बहनों ने सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर इंदौर के महालक्ष्मी नगर में निर्मित नवीन राजयोग अनुभूति केंद्र “जगदम्बा भवन” का भी भव्य उद्घाटन किया गया।
यह संपूर्ण श्रृंखला न केवल मनोबल व आत्मबल को सशक्त करने का माध्यम बनी, बल्कि इंदौरवासियों के लिए आत्मिक जागृति और समाधान की ओर सार्थक कदम सिद्ध हुई।
























