वर्ष 2025–26 नागपुर स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के विश्व शांति सरोवर के लिए विशेष और प्रेरणादायी रहा, जो आध्यात्मिक सेवा और जनकल्याण को समर्पित रहा। यह केंद्र एक शांत और सकारात्मक ऊर्जा से भरा स्थान है, जहां व्यक्ति व्यस्त जीवन में भी शांति और परमात्मा से जुड़ने का अनुभव करता है। इस सेवा की शुरुआत आदरणीय पुष्पा रानी दीदी जी के त्याग से हुई, जिसे आदरणीय रजनी दीदी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाया जा रहा है, और आज यह 90 से अधिक सेवा केंद्रों के माध्यम से निरंतर विस्तार कर रही है।

यह अवधि अनेक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण घटनाओं की साक्षी रही। देश की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी का आगमन इस स्थल के लिए अत्यंत सम्मान का विषय रहा। उन्होंने यहां आयोजित कार्यक्रम में वार्षिक थीम का उद्घाटन किया और इस दिव्य वातावरण से प्रभावित होकर स्वयं को धन्य अनुभव किया। इसी अवसर पर महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी ने भी अपने प्रेरणादायी विचारों के माध्यम से आध्यात्मिक मूल्यों की महत्ता को रेखांकित किया।

इस वर्ष की एक अत्यंत विशेष और ऐतिहासिक घटना रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का आगमन। उन्होंने अपने संबोधन में ब्रह्माकुमारीज़ और संघ के उद्देश्यों में समानता बताते हुए कहा कि भाई-बहन की भावना ही एक विवाद रहित, समरस और सशक्त समाज की आधारशिला है। साथ ही उन्होंने संस्था के मुख्यालय आबू रोड आने की अपनी हार्दिक इच्छा भी व्यक्त की।

आध्यात्मिक साधना की दृष्टि से भी यह वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। ब्रह्मा बाबा की 56वीं पुण्यतिथि को विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया गया, जहां शांति स्तंभ के समक्ष सामूहिक मौन साधना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी साधकों ने अपने जीवन में शांति, पवित्रता और दिव्य गुणों को धारण करने का संकल्प लिया।

बसंत नगर सेवा केंद्र पर आयोजित समाधान परिसंवाद में बीके सूरज भाई ने जीवन की उलझनों को सरल दृष्टिकोण से सुलझाने का मार्ग दिखाया, जिससे अनेक लोगों को आंतरिक शांति और स्पष्टता का अनुभव हुआ।

शिव जयंती के पावन अवसर पर बीके चंद्रिका दीदी एवं बीके रजनी दीदी की गरिमामयी उपस्थिति में शिवध्वज फहराया गया, जिसके नीचे सैकड़ों साधकों ने एकता, विश्वास और विश्व शांति का संकल्प लिया।

शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में तुलसीराम जी गायवाड़ पाटिल कॉलेज और ब्रह्माकुमारीज़ के बीच एमओयू हस्ताक्षरित हुआ। इस पहल के अंतर्गत डिजिटल वेलनेस प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी युग में संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

विश्व शांति सरोवर में आयोजित आनंद मेला ने सांस्कृतिक परंपराओं को पुनर्जीवित करते हुए महिलाओं की शक्ति, पारिवारिक गरिमा और सामाजिक एकता को सुदृढ़ किया। रंगोली, मेहंदी, हस्तकला और पारंपरिक खेलों ने वातावरण को आनंद और अपनत्व से भर दिया।

राजयोगिनी बीके चक्रधारी दीदी के सानिध्य में टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम का सफल आयोजन हुआ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” का संदेश देते हुए योग और प्राणायाम के माध्यम से शरीर और मन के संतुलन का अभ्यास कराया गया।

कृषि क्षेत्र में भी ब्रह्माकुमारीज़ की सहभागिता एग्रो विज़ 2025 में विशेष रूप से सराहनीय रही। युवाओं के लिए आयोजित डिवाइन यूथ फोरम ने उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान की। साथ ही स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी जैसे पर्वों को आध्यात्मिक दृष्टिकोण से मनाया गया।



बीके डॉ. दामिनी द्वारा “पेरेंटिंग टूल्स फॉर ब्यूटीफुल बॉन्डिंग” विषय पर मार्गदर्शन दिया गया। जगदंबा सरस्वती जी के पुण्य स्मरण में “शौर्य सुरों में रंग, दिल में प्यारा तिरंगा” नामक संगीत संध्या का आयोजन किया गया।

दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं स्मृति में विशाल रक्तदान शिविर आयोजित हुआ तथा विभिन्न स्थानों पर दिव्यांगजनों के लिए विशेष कार्यक्रम किए गए। इसके अतिरिक्त एमओयू, योग साधना सत्र, ट्रेनिंग प्रोग्राम्स, वीएनआईटी में महिला सशक्तिकरण, किसान सम्मेलन, स्पिरिचुअल कैफे एवं डिजिटल वेलनेस रिट्रीट सहित अनेक कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुए।

इस प्रकार नागपुर में ब्रह्माकुमारीज़ की सेवाओं की यह यात्रा एक सतत बहती सरिता के समान रही, जहां प्रत्येक प्रयास ने एक ही सत्य को उजागर किया—जब मनुष्य अपने भीतर शांति, पवित्रता और सकारात्मकता को जागृत करता है, तभी सच्चे अर्थों में विश्व परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है।



























