20 नवम्बर 2025 को नागपुर स्थित विश्व शांति सरोवर में आयोजित भव्य आनंद मेला आध्यात्मिकता, एकता और सांस्कृतिक उमंग का अद्भुत संगम बन गया। हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए इस महोत्सव को अविस्मरणीय बना दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था—समाज में प्रेम, विश्वास, एकता और सद्भाव के संदेश को और अधिक सशक्त बनाना।
इस अवसर पर महिलाओं की भूमिका, परिवार की गरिमा, सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों पर आधारित विशेष सत्रों का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि राजयोगिनी बी.के. चक्रधारी दीदी ने अपने प्रेरणादायक संदेश में कहा कि “परिवार ही राष्ट्र का वास्तविक स्वरूप है; प्रत्येक घर में आध्यात्मिकता का स्पर्श आ जाए तो घर भी स्वर्ग बनेगा और देश भी।”
इसके साथ ही राष्ट्रीय संयोजिका बी.के. डॉ. सविता, बी.के. रजनी दीदी, सह-संचालिका बी.के. मनीषा तथा जोनल कोऑर्डिनेटर बी.के. माला ने सामाजिक एकता, महिला सशक्तिकरण और आध्यात्मिक मूल्यों पर अपने प्रेरक विचार प्रस्तुत किए।
नागपुर की गणमान्य महिलाओं—कॉर्पोरेटर परिनीता फुके, भक्ति वृंद फाउंडर सविता संचेती एवं प्रोफेसर माधुरी चौधरी—ने भी समाज में महिलाओं की बदलती भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार रखे।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा आनंद मेला, जहाँ मेहंदी, रंगोली, हस्तकला, पारंपरिक व्यंजन, नैतिक मूल्यों पर आधारित खेल तथा संवाद ने वातावरण को सांस्कृतिक उमंग से भर दिया। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की, जिससे संपूर्ण परिसर आनंद, संगीत और सौहार्द से गूंज उठा।
उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया तथा सभी को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम संचालन बी.के. दमयंती ने किया जबकि समापन पर बी.के. प्रेम प्रकाश भाई ने सभी आगंतुकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि “भगवान भारत में नारी को महिला बनाने नहीं, बल्कि देवी बनाने आता है।” इस संदेश ने सभी के हृदय में गहन आध्यात्मिक छाप छोड़ी।































