रविवार, 28 दिसंबर को ब्रह्माकुमारीज़, बोरीवली वेस्ट द्वारा योगी नगर स्थित स्वामीनारायण मंदिर हॉल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं सुप्रसिद्ध वक्ता बी.के. श्रेया ने ओवरथिंकिंग को ना कहें विषय पर अपने प्रेरणादायी विचार साझा किए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध अभिनेता भ्राता तनुज महाशब्दे जी (प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता, स्क्रीनराइटर एवं थिएटर आर्टिस्ट, “तारक मेहता का उल्टा चश्मा” में श्री अय्यर की भूमिका के लिए प्रसिद्ध) सहित अनेक गणमान्य अतिथि , सिस. जयसुधा कोटी जी (एसोसिएट प्रोफेसर, सेंट फ्रांसिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी), भ्राता रमेश्वर डागा जी (उपाध्यक्ष, भाजपा बोरीवली), भ्राता सुरेन्द्र मिश्रा जी (अध्यक्ष, योगी नगर सोसाइटी एसोसिएशन), डॉ. जे. बसाक जी (जनरल फिज़िशियन), डॉ. अमित शाह जी (एम.एस., महावीर डेंटल क्लिनिक) तथा सिस. शेट्टी (प्राचार्या, ठाकुर कॉलेज, बोरीवली) ।उपस्थित रहे।
सेंटर प्रभारी बी.के. बिंदु ने सभी अतिथियों एवं भाई-बहनों का स्वागत करते हुए कहा कि
Zero Thought Stage संभव नहीं है। हमें Overthinking को ‘No’ कहना है। सोचने से मना नहीं है, बल्कि क्या सोचें, कितना सोचें और सही कैसे सोचें — यही कला आज हम सीखेंगे। मेडिटेशन सोचने से नहीं, बल्कि अत्यधिक सोच से मुक्त होना सिखाता है।
मुख्य वक्ता बी.के. श्रेया ने सरल उदाहरणों के माध्यम से बताया कि हम सभी सृजनशील हैं और हमारे पास सही सोचने का विकल्प है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से यह भी बताया कि हर व्यक्ति का देखने का नज़रिया अलग होता है, इसलिए हमें सभी के नज़रिये को स्वीकार करना चाहिए — सब अलग हैं, गलत नहीं।
उन्होंने आगे कहा, “कोई भी हमारे मन में प्रवेश कर हमें Hurt नहीं कर सकता, हम स्वयं सोच-सोच कर खुद को Hurt करते हैं।उन्होंने आत्म-परामर्श, स्वीकार्यता और मेडिटेशन के महत्व पर विशेष जोर दिया।
अंत में मेडिटेशन कमेंट्री द्वारा शांति की अनुभूति कराई गई तथा 15 दिवसीय राजयोग कोर्स का निमंत्रण दिया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 500 लोगों ने भाग लिया।


























