9 जुलाई 2026 को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के लाइट हाउस सेंटर में "स्पिरिचुअल डायमेंशन ऑफ ह्यूमन प्रोग्रेस" विषय पर एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जीवन की व्यक्तिगत, व्यावसायिक एवं सामाजिक चुनौतियों के समाधान में आध्यात्मिकता की भूमिका पर सार्थक मंथन हुआ।
कार्यक्रम में प्रशासकों, उद्योगपतियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों तथा भारतीय समुदाय के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। भारत से पहुँचे 23 सदस्यीय ब्रह्माकुमारीज़ प्रतिनिधिमंडल की ओर से ब्रह्माकुमारीज़ मीडिया विंग के राष्ट्रीय संयोजक बीके शांतनु भाई ने संस्था की वैश्विक सेवाओं का परिचय देते हुए बताया कि ब्रह्माकुमारीज़ 140 से अधिक देशों में कार्यरत एक वैश्विक आध्यात्मिक संस्था है, जो राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्तिगत परिवर्तन एवं विश्व नव-निर्माण के लिए समर्पित है।
संवाद सत्र में रूसी प्रेसिडेंशियल एकेडमी ऑफ नेशनल इकोनॉमी एंड पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के लोक एवं नगर प्रशासन संकाय के डीन अनातोली लिखतीन ने कहा कि आध्यात्मिकता व्यक्ति की बुद्धि को स्थिर बनाकर उसे संतुलित निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करती है।
इस अवसर पर बीके संध्या ने आत्म-जागरूकता और आंतरिक शांति का महत्व बताया। बीके रुचि ने आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन की सही दिशा का आधार बताया, जबकि बीके विधात्री ने कहा कि आध्यात्मिकता ईमानदारी, जिम्मेदारी और सामाजिक सेवा की मजबूत नींव है।
अपने प्रेरणादायी संदेश में वक्ताओं ने कहा कि "शांति कोई कमजोरी नहीं, बल्कि आंतरिक शक्ति है। यही शक्ति व्यक्ति को भावनात्मक संतुलन प्रदान करती है।" उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक आत्मा ईश्वर प्रदत्त गुणों और विशेषताओं से सम्पन्न है तथा आध्यात्मिकता व्यक्ति को स्वयं के वास्तविक स्वरूप का दर्पण दिखाती है।
समापन अवसर पर सेंट पीटर्सबर्ग स्थित ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र की निदेशिका बीके संतोष दीदी ने सभी को विश्व शांति के लिए शुभ संकल्प करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन विश्व शांति के सामूहिक संकल्प एवं राजयोग मेडिटेशन के साथ हुआ।

























