ब्रह्माकुमारीज़ नेपाल, काठमांडू जोन द्वारा इस वर्ष ईश्वरीय सेवाओं को अत्यंत प्रभावशाली एवं व्यापक रूप से आगे बढ़ाया गया। इसी क्रम में ब्रह्माकुमारीज़ ज्ञान सरोवर एकेडमी, नगरकोट में आवश्यक भवन एवं 2000 क्षमता वाले ज्ञान योग हॉल का शिलान्यास कार्यक्रम राजयोगिनी राज दीदी जी तथा मधुबन से पधारे राजयोगी ब्रह्मकुमार देव भाई जी के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के दौरान “राजयोग: आर्ट ऑफ लिविंग लाइफ बेटर” विषय पर राजयोगिनी चंद्रिका दीदी जी ने सभी उपस्थित अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया। साथ ही इस वर्ष की कैनोपी थीम “Meditation for World Unity and Trust” का राष्ट्रीय शुभारंभ भी राजयोगिनी राज दीदी जी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

वर्तमान समय में युवा पीढ़ी की मानसिकता को ध्यान में रखते हुए, उन्हें नकारात्मक सोच से बचाने के उद्देश्य से देशभर के स्कूल, कॉलेज एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर्स में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस भी विशेष रूप से मनाया गया तथा युवाओं को जागृत करने हेतु संजीवनी यूथ रिट्रीट का सफल आयोजन किया गया। मेडिकल एवं हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स को मूल्यों के आधार पर कार्य करने की प्रेरणा देने हेतु राजधानी काठमांडू के प्रमुख अस्पतालों में विहासा सेशंस आयोजित किए गए, जो अत्यंत फलदायी सिद्ध हुए।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, राष्ट्रीय योग दिवस एवं विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर नेपाल सरकार के शिक्षा, विज्ञान एवं प्रविधि मंत्रालय, ब्रह्माकुमारीज़ नेपाल एवं अन्य योग संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए।

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, स्पीकर, उप प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों को राखी बांधकर परमात्म संदेश प्रदान किया गया।

दादी प्रकाश मणि जी की 18वीं पुण्यतिथि पर समाज सेवा प्रभाग द्वारा एक ऐतिहासिक पहल करते हुए एक ही दिन में 547 रक्त संग्रह कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया गया, तथा इस त्रिदिवसीय रक्तदान अभियान में पूरे नेपाल से 11,916 रक्त का सहयोग प्राप्त हुआ। इस अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ नेपाल सरकार के तत्कालीन स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री माननीय प्रदीप पौड़ेल जी द्वारा किया गया।

विश्व शांति दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ नेपाल एवं इनर व्हील क्लब के सहयोग से शांति संदेश का व्यापक प्रसार किया गया। राजयोगिनी

शिवानी दीदी जी के नेपाल आगमन पर काठमांडू, विराटनगर एवं नारायणगढ़ में वीआईपी, आईपी एवं विद्यार्थियों हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो अत्यंत प्रभावशाली रहे।

छालिंग रिट्रीट सेंटर पर रक्तदान एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिससे सैकड़ों लोगों ने लाभ प्राप्त किया।

90वां महाशिवरात्रि महोत्सव पवित्र पशुपतिनाथ क्षेत्र में विविध कार्यक्रमों के साथ मनाया गया, जहाँ माइंड स्पा के माध्यम से सभी आयु वर्ग के लोगों ने गहन शांति का अनुभव किया तथा हजारों विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त नारायणगढ़, हेटौड़ा, बीरगंज, जनकपुर, राजबिराज एवं विराटनगर सहित अनेक स्थानों पर यह पर्व धूमधाम से मनाया गया।

विभिन्न स्थानों पर ऑडियो-वीडियो माध्यमों द्वारा हजारों लोगों को ज्ञान प्रदान किया गया तथा व्यसन मुक्त समाज निर्माण के लिए संकल्प दिलाया गया। पूर्वी नेपाल के सैकड़ों सरकारी कर्मचारियों के लिए आत्म सशक्तिकरण एवं कार्यक्षमता वृद्धि हेतु विशेष अभियान चलाया गया, जो अत्यंत सफल रहा।

बीरगंज सेवा केंद्र की स्वर्ण जयंती, नारायणगढ़ सेवा केंद्र की 43वीं वर्षगांठ, राज सेवा केंद्र एवं देवीनगर भट्ट कुलो सेवा केंद्र की रजत जयंती को भव्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया गया। साथ ही चौतारा एवं बट्टार सेवा केंद्रों के नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन भी सम्पन्न हुआ।

झापा धुलाबारी सेंटर की रजत जयंती एवं तपस्या धाम के चारधाम उद्घाटन के अवसर पर शांति यात्रा, समाजसेवियों, साधु-संतों, शिक्षकों, प्रिंसिपलों एवं महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर राजयोगिनी उषा दीदी जी मुख्य वक्ता रहीं तथा राज दीदी जी के आशीर्वचन भी सभी को प्राप्त हुए। कार्यक्रम में नेपाल की प्रथम महिला शंकराचार्य हेमानंद गिरी महाराज जी ने भी अपने विचार साझा किए।

मीडिया क्षेत्र में भी ब्रह्माकुमारीज़ नेपाल ने महत्वपूर्ण योगदान देते हुए नेपाली भाषा में गीत-संगीत एवं टॉक शोज़ के माध्यम से जनमानस को सुखमय जीवन जीने की प्रेरणा दी।

ब्रह्माकुमारी परिवार की आंतरिक उन्नति, संस्कार परिवर्तन एवं आपसी एकता के लिए समय-समय पर गहन योग तपस्या भट्टी का आयोजन किया गया।

इस प्रकार ब्रह्माकुमारीज़ नेपाल द्वारा वर्षभर विविध आध्यात्मिक, सामाजिक एवं मानवीय सेवाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सराहनीय कार्य किया गया।
























