
“जब मन किसी प्रभाव, आकर्षण या आदत में उलझे और खुद को शक्तिशाली, खुश और लक्ष्य पर केंद्रित महसूस करना हो।”
इस मेडिटेशन के अनुभव से आत्मा को अपनी शक्ति, वैल्यू और यूनिकनेस की स्मृति आती है। मन बाहरी प्रभावों और आकर्षणों से दूर होकर अपने लक्ष्य, स्वास्थ्य, रिश्तों और सपनों पर केंद्रित होने लगता है। खुशी को किसी चीज़ या आदत पर निर्भर न रखकर अंदर से महसूस करने की प्रेरणा मिलती है।
यह मेडिटेशन मन को यह अनुभव कराता है कि मैं गुलाम नहीं, अपने मन की मालिक हूँ। सर्वशक्तिवान भगवान की शक्तियों की किरणों को महसूस करते हुए आत्मा सही और गलत को परखने की शक्ति प्राप्त करती है और श्रेष्ठ संकल्पों के साथ दिन की शुरुआत कर सकती है।
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Life stages
ओम शांति। कुछ पलों के लिए आराम से बैठें। बॉडी को रिलैक्स करें और सब तरफ से अपने मन को समेटकर एक संकल्प करें कि मैं एक शक्तिशाली आत्मा हूँ। I am a powerful soul. मैं यूनिक हूँ, वैल्युएबल हूँ। मैं सभी प्रभावों से दूर हूँ। मैं खुश हूँ। मेरी खुशी किसी भी चीज़ पर डिपेंडेंट नहीं है। मुझे खुश रहने के लिए किसी नशे के आधार की ज़रूरत नहीं है। मैं किसी के प्रभाव में आने वाली नहीं हूँ, लेकिन सबके लिए एक उदाहरण हूँ।
इस समय मेरे लिए मेरे जीवन का लक्ष्य सबसे ज़रूरी है। मेरा शरीर स्वस्थ रहे, मेरे रिश्ते मधुर रहें और मैं अपने सपनों को पूरा कर सकूँ। कोई भी चीज़ मुझे आकर्षित नहीं कर सकती। मैं गुलाम नहीं, अपने मन की मालिक हूँ। मैं सर्वशक्तिवान भगवान की संतान हूँ। कुछ पलों के लिए महसूस करें कि उसकी किरणें आप पर पड़ रही हैं। सर्वशक्तियों की किरणें मुझे शक्तिशाली बना रही हैं, इतना शक्तिशाली कि मैं सही और गलत को परखकर सही राह पर चल सकूँ।
इन श्रेष्ठ संकल्पों के साथ मैं आज का दिन शुरू करती हूँ। अपने आपको वापस स्मृति दिलाकर कि मैं गुलाम नहीं, मैं मालिक हूँ। मैं सदा खुश रहने वाली खुशनसीब आत्मा हूँ। ओम शांति।
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