
दिन की शुरुआत - मैं गुलाम नहीं, अपने मन की मालिक हूँ
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Theme
“जब मन किसी प्रभाव, आकर्षण या आदत में उलझे और खुद को शक्तिशाली, खुश और लक्ष्य पर केंद्रित महसूस करना हो।”
Benefits
इस मेडिटेशन के अनुभव से आत्मा को अपनी शक्ति, वैल्यू और यूनिकनेस की स्मृति आती है। मन बाहरी प्रभावों और आकर्षणों से दूर होकर अपने लक्ष्य, स्वास्थ्य, रिश्तों और सपनों पर केंद्रित होने लगता है। खुशी को किसी चीज़ या आदत पर निर्भर न रखकर अंदर से महसूस करने की प्रेरणा मिलती है।
यह मेडिटेशन मन को यह अनुभव कराता है कि मैं गुलाम नहीं, अपने मन की मालिक हूँ। सर्वशक्तिवान भगवान की शक्तियों की किरणों को महसूस करते हुए आत्मा सही और गलत को परखने की शक्ति प्राप्त करती है और श्रेष्ठ संकल्पों के साथ दिन की शुरुआत कर सकती है।
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Commentary
ओम शांति। कुछ पलों के लिए आराम से बैठें। बॉडी को रिलैक्स करें और सब तरफ से अपने मन को समेटकर एक संकल्प करें कि मैं एक शक्तिशाली आत्मा हूँ। I am a powerful soul. मैं यूनिक हूँ, वैल्युएबल हूँ। मैं सभी प्रभावों से दूर हूँ। ...
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