Skip to content
Now Playing
दिन की शुरुआत - मैं गुलाम नहीं, अपने मन की मालिक हूँ

दिन की शुरुआत - मैं गुलाम नहीं, अपने मन की मालिक हूँ

BK Shreya
4 minहिन्दी (Hindi)218 listens23 likes
0:004:00

Next in Queue

About This Meditation

Theme

जब मन किसी प्रभाव, आकर्षण या आदत में उलझे और खुद को शक्तिशाली, खुश और लक्ष्य पर केंद्रित महसूस करना हो।

Benefits

इस मेडिटेशन के अनुभव से आत्मा को अपनी शक्ति, वैल्यू और यूनिकनेस की स्मृति आती है। मन बाहरी प्रभावों और आकर्षणों से दूर होकर अपने लक्ष्य, स्वास्थ्य, रिश्तों और सपनों पर केंद्रित होने लगता है। खुशी को किसी चीज़ या आदत पर निर्भर न रखकर अंदर से महसूस करने की प्रेरणा मिलती है।

यह मेडिटेशन मन को यह अनुभव कराता है कि मैं गुलाम नहीं, अपने मन की मालिक हूँ। सर्वशक्तिवान भगवान की शक्तियों की किरणों को महसूस करते हुए आत्मा सही और गलत को परखने की शक्ति प्राप्त करती है और श्रेष्ठ संकल्पों के साथ दिन की शुरुआत कर सकती है।

Commentary

ओम शांति। कुछ पलों के लिए आराम से बैठें। बॉडी को रिलैक्स करें और सब तरफ से अपने मन को समेटकर एक संकल्प करें कि मैं एक शक्तिशाली आत्मा हूँ। I am a powerful soul. मैं यूनिक हूँ, वैल्युएबल हूँ। मैं सभी प्रभावों से दूर हूँ। ...

More in Digital Overdose

Same topic and language

Similar Meditations

Broader matches from the same life stage and language

More by BK Shreya

View all

Continue Exploring