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नालेजफुल - Knowledgeful - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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नालेजफुल - Knowledgeful
नालेजफुल - Knowledgeful
46 unique murli dates in this topic
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45 murlis in हिंदी
24/01/1970
“ब्राह्मणों का मुख्य धंधा - समर्पण करना और कराना”
11/07/1970
“संगमयुग की डिग्री और भविष्य की प्रालब्ध”
22/10/1970
“फुल की निशानी - फ्लोलेस”
21/01/1971
“अब नहीं तो कब नहीं”
05/03/1971
“भट्ठी की अलौकिक छाप”
19/04/1971
“त्याग, तपस्या और सेवा की परिभाषा”
18/06/1971
“बुद्धि की अलौकिक ड्रिल”
19/07/1971
“सिम्पल बनो, सैम्पल बनो”
01/08/1971
“स्वयं की स्टेज़ को सेट करने की विधि”
17/05/1973
“जैसा लक्ष्य वैसा लक्षण”
02/08/1973
“यथार्थ विधि से सिद्धि की प्राप्ति”
18/01/1975
“साक्षात्कार मूर्त और फरिश्ता मूर्त बनने का निमन्त्रण”
29/01/1975
“परखने की शक्ति के प्रयोग से सफलता”
10/09/1975
“नॉलेजफुल और पावरफुल आत्मा ही सक्सेसफुल”
23/10/1975
“इन्तज़ार को छोड़कर इन्तज़ाम करो!”
09/05/1977
“सम्पूर्ण पवित्रता ही विशेष पार्ट बजाने वालों का श्रृंगार है”
14/05/1977
“स्वमान और फ़रमान”
18/01/1979
“18 जनवरी ‘स्मृति दिवस' को सदाकाल का समर्थी दिवस मनाने के लिए शिक्षाएं”
20/01/1981
“मन, बुद्धि, संस्कार के अधिकारी ही वरदानी मूर्त”
15/03/1981
“स्वदर्शन चक्रधारी तथा चक्रवर्ती ही विश्व-कल्याणकारी”
18/03/1981
“मुश्किल को सहज करने की युक्ति ‘सदा बाप को देखो’”
05/04/1981
“समर्थ कर्मों का आधार - ‘धर्म’”
09/10/1981
“अन्तर्मुखी ही सदा बन्धनमुक्त और योगयुक्त”
06/11/1981
“विशेष युग का विशेष फल”
13/01/1983
“स्वदर्शन चक्रधारी ही चक्रवर्ती राज्य भाग्य के अधिकारी”
30/01/1985
“मायाजीत और प्रकृतिजीत ही स्वराज्य-अधिकारी”
21/03/1985
“स्वदर्शन चक्र से विजय चक्र की प्राप्ति”
09/04/1986
“सच्चे सेवाधारी की निशानी”
11/04/1986
“श्रेष्ठ तकदीर की तस्वीर बनाने की युक्ति”
24/02/1988
“वरदाता से प्राप्त हुए वरदानों को वृद्धि में लाने की विधि”
21/12/1989
“त्रिदेव रचयिता द्वारा वरदानों की प्राप्ति”
18/01/1990
“स्वयं और सेवा में तीव्रगति के परिवर्तन का गुह्य राज़”
07/03/1990
“रूलिंग तथा कन्ट्रोलिंग पॉवर से स्वराज्य की प्राप्ति”
03/04/1991
“सर्व हदों से निकल बेहद के वैरागी बनो”
01/04/1992
“उड़ती कला का अनुभव करने के लिए दो बातों का बैलेन्स - ज्ञानयुक्त भावना और स्नेह युक्त योग”
21/11/1992
“कर्मों की गुह्य गति के ज्ञाता बनो”
26/03/1993
“अव्यक्त वर्ष में लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”
18/11/1993
“संगमयुग के राजदुलारे सो भविष्य के राज्य अधिकारी”
02/12/1993
“नम्बरवन बनने के लिए गुण मूर्त बन गुणों का दान करने वाले महादानी बनो”
18/01/1994
“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”
03/04/1996
“सेवाओं के साथ-साथ बेहद की वैराग्य वृत्ति द्वारा पुराने वा व्यर्थ संस्कारों से मुक्त बनो”
04/11/2001
“सत्यवादी बनो और समय प्रमाण रहमदिल बन बेहद की वृत्ति, दृष्टि और कृति बनाने के दृढ़ संकल्प का दीप जलाओ''
24/02/2002
“बाप को प्रत्यक्ष करने के लिए अपनी वा दूसरों की वृत्ति को पॉजिटिव बनाओ''
15/12/2002
“समय प्रमाण लक्ष्य और लक्षण की समानता द्वारा बाप समान बनो”
20/03/2004
“इस वर्ष को विशेष जीवनमुक्त वर्ष के रूप में मनाओ, एकता और एकाग्रता से बाप की प्रत्यक्षता करो''