Command Palette
Search for a command to run...
Loading topic
कुमारियाँ - kumaris - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
Home
Topics
कुमारियाँ - kumaris
कुमारियाँ - kumaris
63 unique murli dates in this topic
English
हिंदी
ગુજરાતી
తెలుగు
63 murlis in हिंदी
13/03/1969
“प्रेम और शक्ति के गुणों की समानता”
20/03/1969
“सात बातें छोड़ो और सात बातें धारण करो”
17/05/1969
“जादू मंत्र का दर्पण”
26/05/1969
“सम्पूर्ण स्नेही की परख”
23/01/1970
“सेवा में सफलता पाने की युक्तियां”
24/01/1970
“ब्राह्मणों का मुख्य धंधा - समर्पण करना और कराना”
14/05/1970
“समर्पण का गुह्य अर्थ”
28/05/1970
“हाई-जम्प देने के लिए हल्का बनो”
11/06/1970
“विश्वपति बनने की सामग्री”
23/01/1977
“महीनता ही महानता है”
14/02/1978
“समीप आत्मा की निशानियाँ”
13/03/1981
“डबल रूप से सेवा द्वारा ही आध्यात्मिक जागृति”
05/04/1981
“समर्थ कर्मों का आधार - ‘धर्म’”
08/10/1981
“ब्रह्मा बाप की एक शुभ आशा”
29/10/1981
“बाप और बच्चों का रुहानी मिलन”
11/01/1983
“समर्थ की निशानी - संकल्प, बोल, कर्म, स्वभाव, संस्कार बाप समान”
27/03/1983
“बाप समान बेहद की वृत्ति को धारण कर बाप समान बनो”
30/03/1983
“सहजयोगी बनने का साधन - अनुभवों की अथॉरिटी का आसन”
13/04/1983
“परचिन्तन तथा परदर्शन से हानियाँ”
02/05/1983
“माया को दोषी बनाने के बजाए मास्टर रचता, शक्तिशाली बनो”
04/05/1983
“सदा एक मत, एक ही रास्ते से एकरस स्थिति”
09/05/1983
“ब्राह्मण जीवन का श्रृंगार - स्मृति, वृत्ति, और दृष्टि की स्वच्छता (पवित्रता)”
11/05/1983
“हे युवकों विश्व परिवर्तन के कार्य में निमित्त बनो”
17/05/1983
“संगम युग - मौजों के नज़ारों का युग”
19/05/1983
“साक्षी दृष्टा कैसे बनें?”
07/12/1983
“श्रेष्ठ पद की प्राप्ति का आधार - ‘मुरली’”
09/05/1984
“सदा एकरस उड़ने और उड़ाने के गीत गाओ”
28/11/1984
“संकल्प को सफल बनाने का सहज साधन”
19/12/1984
“सर्वश्रेष्ठ, सहज तथा स्पष्ट मार्ग”
07/01/1985
“नये वर्ष का विशेष संकल्प - ‘मास्टर विधाता बनो’”
30/01/1985
“मायाजीत और प्रकृतिजीत ही स्वराज्य-अधिकारी”
21/03/1985
“स्वदर्शन चक्र से विजय चक्र की प्राप्ति”
20/03/1987
“स्नेह और सत्यता की अथॉरिटी का बैलेन्स”
10/12/1987
“तन, मन, धन और सम्बन्ध का श्रेष्ठ सौदा”
22/01/1988
“हिम्मत का पहला कदम - समर्पणता”
26/01/1988
“संगमयुग पर नम्बरवन पूज्य बनने की अलौकिक विधि”
16/12/1993
“सच्चे स्नेही बन एक बाप द्वारा सर्व सम्बन्धों का साकार में अनुभव करो”
16/11/1995
“बापदादा की चाहना - डायमण्ड जुबली वर्ष को लगाव मुक्त वर्ष के रूप में मनाओ”
25/11/1995
“परमत, परचिंतन और परदर्शन से मुक्त बनो और पर-उपकार करो”
04/12/1995
“यथार्थ निश्चय के फाउण्डेशन द्वारा सम्पूर्ण पवित्रता को धारण करो”
13/12/1995
“व्यर्थ बोल, डिस्टर्ब करने वाले बोल से स्वयं को मुक्त कर बोल की एकॉनॉमी करो”
31/01/1998
“पास विद ऑनर बनने के लिए हर खजाने का एकाउण्ट चेक करके जमा करो”
15/11/1999
“बाप समान बनने का सहज पुरुषार्थ - ‘आज्ञाकारी बनो’”
30/11/1999
“पास विद ऑनर बनने के लिए सर्व खजानों के खाते को जमा कर सम्पन्न बनो”
18/01/2001
“यथार्थ स्मृति का प्रमाण - समर्थ स्वरूप बन शक्तियों द्वारा सर्व की पालना करो”
04/11/2001
“सत्यवादी बनो और समय प्रमाण रहमदिल बन बेहद की वृत्ति, दृष्टि और कृति बनाने के दृढ़ संकल्प का दीप जलाओ''
25/11/2001
“दुआयें दो दुआयें लो, कारण का निवारण कर समस्याओं का समाधान करो''
25/10/2002
“ब्राह्मण जीवन का आधार - प्युरिटी की रॉयल्टी''
30/11/2002
“रिटर्न शब्द की स्मृति से समान बनो और रिटर्न-जर्नी के स्मृति स्वरूप बनो''
15/12/2002
“समय प्रमाण लक्ष्य और लक्षण की समानता द्वारा बाप समान बनो”
17/03/2003
“इस वर्ष - स्वमान में रहना, सम्मान देना, सबका सहयोगी बनना और समर्थ बनाना''
17/10/2003
“पूरा वर्ष - सन्तुष्टमणि बन सदा सन्तुष्ट रहना और सबको सन्तुष्ट करना''
15/11/2003
“मन को एकाग्र कर, एकाग्रता की शक्ति द्वारा फरिश्ता स्थिति का अनुभव करो''
02/11/2004
“स्व-उपकारी बन अपकारी पर भी उपकार करो, सर्व शक्ति, सर्व गुण सम्पन्न सम्मान दाता बनो”
07/03/2005
“सम्पूर्ण पवित्रता का व्रत रखना और मैं पन को समर्पित करना ही शिवजयन्ती मनाना है''
15/11/2005
“सच्चे दिल से बाप व परिवार के स्नेही बन मेहनत मुक्त बनने का वायदा करो और फायदा लो''
25/02/2006
“आज उत्सव के दिन मन के उमंग-उत्साह द्वारा माया से मुक्त रहने का व्रत लो, मर्सीफुल बन मास्टर मुक्तिदाता बनो, साथ चलना है तो समान बनो''
16/11/2006
“अपने स्वमान की शान में रहो और समय के महत्व को जान एवररेडी बनो”
15/02/2007
“अलबेलेपन, आलस्य और बहानेबाजी की नींद से जागना ही शिवरात्रि का सच्चा जागरण है”
31/10/2007
“अपने श्रेष्ठ स्वमान के फ़खुर में रह असम्भव को सम्भव करते बेफिक्र बादशाह बनो”
15/12/2007
“समय के महत्व को जान, कर्मों की गुह्य गति का अटेन्शन रखो, नष्टोमोहा, एवररेडी बनो”
18/01/2008
“सच्चे स्नेही बन, सब बोझ बाप को देकर मौज का अनुभव करो, मेहनत मुक्त बनो”
18/02/2008
“विश्व परिवर्तन के लिए शान्ति की शक्ति का प्रयोग करो”
Brahma Kumaris
Murli
Home
Murli Search
Murli Topics
Murli Chintan
AI Murli Chintan (ChatGPT)
Languages
E
English
ह
हिंदी
ગ
ગુજરાતી
త
తెలుగు
Library
Overview
Favorites
Notes & Highlights
Collections
Tracker
Settings
BKOne
Toggle Sidebar
Brahma Kumaris
Murli
Home
Library
Settings
BKOne
Search
K
Toggle theme
Home
Search
BKOne
Library
Settings