पास - Pass with Honour
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20/12/1969“प्लेन याद से प्लैन्स की सफलता”06/08/1970“बन्धनमुक्त आत्मा की निशानी”05/12/1970“प्रतिज्ञा करने वालों को माया की चैलेंज”21/01/1971“अब नहीं तो कब नहीं”04/07/1971“याद की सहज विधि”27/07/1971“बुद्धि रूपी नेत्र क्लीयर और पावरफुल बनाओ”28/07/1971“आकार में निराकार को देखने का अभ्यास”04/03/1972“अधिकारी बनने के लिए अधीनता छोड़ो”02/04/1972“महिमा योग्य कैसे बनें?”02/08/1972“हर कर्म विधिपूर्वक करने से सिद्धि की प्राप्ति”16/05/1973“अन्तिम पुरुषार्थ”28/04/1974“स्थूल के साथ-साथ सूक्ष्म साधनों से ईश्वरीय सेवा में सफलता”24/06/1974“राजयोगी ही विश्व-राज्य के अधिकारी”01/02/1975“ईश्वर के साथ का और लगन की अग्नि का अनुभव”03/08/1975“शिव शक्ति व पाण्डव सेना को तैयार होने के लिए सावधानी”18/06/1977“योग की पॉवरफुल स्टेज कैसे बने?”28/06/1977“वेस्ट (Waste) मत करो और वेट (Weight) कम करो”03/02/1979“सर्व पर रहम करो, ‘वहम' और ‘अहम' भाव को मिटाओ”26/11/1979“प्रीत की रीति”15/12/1979“विदेशी बच्चों के साथ अव्यक्त बापदादा की मुलाकात”23/01/1980“पवित्रता का महत्व”30/03/1985“तीन-तीन बातों का पाठ”16/03/1986“रुहानी ड्रिल”14/10/1987“ब्राह्मण जीवन - बाप से सर्व सम्बन्ध अनुभव करने की जीवन”25/10/1987“चार बातों से न्यारे बनो”19/11/1989“तन, मन, धन और जन का भाग्य”23/11/1989“वरदाता को राज़ी करने की सहज विधि”21/12/1989“त्रिदेव रचयिता द्वारा वरदानों की प्राप्ति”29/12/1989“पढ़ाई का सार - ‘आना और जाना’”10/01/1990“होलीहँस की विशेषतायें”07/03/1990“रूलिंग तथा कन्ट्रोलिंग पॉवर से स्वराज्य की प्राप्ति”13/02/1991“विश्व परिवर्तन में तीव्रता लाने का साधन एकाग्रता की शक्ति एवं एकरस स्थिति”17/03/1991“सन्तुष्टमणि के श्रेष्ठ आसन पर आसीन होने के लिए प्रसन्नचित्त, निश्चिंत आत्मा बनो”16/03/1992“होली मनाना अर्थात दृढ़ संकल्प की अग्नि में कमजोरियों को जलाना और मिलन की मौज मनाना”07/03/1993“होली मनाना अर्थात् हाइएस्ट और होलीएस्ट बनना”07/03/1995“ब्राह्मण अर्थात् धर्म सत्ता और स्वराज्य सत्ता की अधिकारी आत्मा”13/12/1995“व्यर्थ बोल, डिस्टर्ब करने वाले बोल से स्वयं को मुक्त कर बोल की एकॉनॉमी करो”03/04/1996“सेवाओं के साथ-साथ बेहद की वैराग्य वृत्ति द्वारा पुराने वा व्यर्थ संस्कारों से मुक्त बनो”31/12/1996“नये वर्ष में अनुभवी मूर्त बन सबको अनुभवी बनाओ”18/01/1997“अपनी सूरत से बाप की सीरत को प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”31/01/1998“पास विद ऑनर बनने के लिए हर खजाने का एकाउण्ट चेक करके जमा करो”24/02/1998“बाप से, सेवा से और परिवार से मुहब्बत रखो तो मेहनत से छूट जायेंगे”21/11/1998“सेवा के साथ देह में रहते विदेही अवस्था का अनुभव बढ़ाओ”15/03/1999“कर्मातीत अवस्था तक पहुँचने के लिए कन्ट्रोलिंग पॉवर को बढ़ाओ, स्वराज्य अधिकारी बनो”30/11/1999“पास विद ऑनर बनने के लिए सर्व खजानों के खाते को जमा कर सम्पन्न बनो”31/12/1999“नई सदी में अपने चलन और चेहरे से फरिश्ते स्वरूप को प्रत्यक्ष करो”16/12/2000“साक्षात ब्रह्मा बाप समान कर्मयोगी फरिश्ता बनो तब साक्षात्कार शुरू हो”28/03/2002“इस वर्ष को निर्माण, निर्मल वर्ष और व्यर्थ से मुक्त होने का मुक्ति वर्ष मनाओ”30/11/2003“चारों ही सबजेक्ट में अनुभव की अथॉरिटी बन समस्या को समाधान स्वरूप में परिवर्तन करो''31/12/2003“इस वर्ष निमित्त और निर्माण बन जमा के खाते को बढ़ाओ और अखण्ड महादानी बनो''20/02/2005“दिल से मेरा बाबा कहो और सर्व अविनाशी खजानों के मालिक बन बेफिक्र बादशाह बनो''31/10/2006“सदा स्नेही के साथ अखण्ड महादानी बनो तो विघ्न-विनाशक, समाधान स्वरूप बन जायेंगे''30/11/2006“ज्वालामुखी तपस्या द्वारा मैं-पन की पूंछ को जलाकर बापदादा समान बनो तब समाप्ति समीप आयेगी''15/12/2006“स्मृति स्वरूप, अनुभवी मूर्त बन सेकण्ड की तीव्रगति से परिवर्तन कर पास विद ऑनर बनो''15/02/2007“अलबेलेपन, आलस्य और बहानेबाजी की नींद से जागना ही शिवरात्रि का सच्चा जागरण है”17/03/2007“श्रेष्ठ वृत्ति से शक्तिशाली वायब्रेशन और वायुमण्डल बनाने का तीव्र पुरुषार्थ करो, दुआ दो और दुआ लो”
