वर्ष 2025-26 के दौरान अमरावती में स्थित ब्रह्माकुमारीज़ का यूनिवर्सल पीस रिट्रीट सेंटर, परमपिता परमात्मा शिव की स्मृति तथा आदरणीय सविता दीदी जी एवं बीके शांता दीदी जी के स्नेहमय मार्गदर्शन में समाज में आध्यात्मिक जागृति, नैतिक मूल्यों और विश्व शांति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसके माध्यम से विभिन्न आध्यात्मिक, सामाजिक एवं नैतिक सेवाओं द्वारा अनेक लोगों को आंतरिक शांति, सकारात्मक जीवन शैली और सशक्त जीवन जीने की प्रेरणा प्राप्त हो रही है।

वर्ष के प्रारंभ में 27 अप्रैल 2025 को आयोजित तृतीय हैप्पी चिल्ड्रन्स फेस्ट में लगभग 150 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को नैतिक मूल्यों, सकारात्मक सोच एवं राजयोग अभ्यास द्वारा अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानने की प्रेरणा दी गई।

आध्यात्मिक उन्नति हेतु आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना के ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के लिए विभिन्न योग भट्टियों का आयोजन किया गया। इसमें कुमारीज के लिए एंजल लाइफ तीन दिवसीय योग भट्टी तथा 15 वर्षीय समर्पित बहनों के लिए विशेष भट्टी आयोजित की गई। साथ ही माउंट आबू से पधारी आत्मप्रकाश बाई जी के सान्निध्य में तीन दिवसीय कुमार भट्टी, दो दिवसीय टीचर्स भट्टी एवं ब्रह्माकुमारीज़ परिवार हेतु विशेष भट्टी का सफल आयोजन हुआ।

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राज्य के मंत्रीगण एवं गणमान्य नागरिकों को राखी बाँधकर आध्यात्मिक संदेश दिया गया। दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि पर 22 से 25 अगस्त तक विश्व बंधु दिवस मनाया गया, जिसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों एवं कॉलेजों में मेगा रक्तदान अभियान आयोजित किया गया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हेतु 1 लाख यूनिट रक्त संग्रह के लक्ष्य में योगदान देते हुए केंद्र द्वारा 526 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।


29 जून 2025 को लायंस क्लब ऑफ विजयवाड़ा ईस्ट के आमंत्रण पर बीके भारती बहन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और सेवा, दान एवं सत्कर्मों के महत्व पर प्रेरणादायक संदेश दिया।

11 जुलाई 2025 को विजयवाड़ा में आयोजित Plastic Printing Packaging Export 2025 के दौरान आंध्र प्रदेश में पहली बार माइंड स्पा का उद्घाटन जिला कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य कार्यरत पेशेवरों को मानसिक शांति एवं तनावमुक्त जीवन का अनुभव कराना है।

एपी सरकार द्वारा आयोजित YogAndhra 2025 अभियान में विभिन्न स्थानों पर राजयोग सत्र आयोजित कर बड़ी संख्या में लोगों को शांति का अनुभव कराया गया।

नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत 26 जून 2025 को International Day Against Drug Abuse पर जिला पुलिस विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से बीके राधा बहन एवं अन्य सदस्यों ने युवाओं को संबोधित करते हुए राजयोग द्वारा नशा मुक्त जीवन का मार्ग बताया।

जनवरी 2026 में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड एवं 24 जनवरी 2026 को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, विजयवाड़ा टर्मिनल में कर्मचारियों एवं ड्राइवर्स हेतु Managing Stress on Road विषय पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। बीके पद्मजा बहन एवं सिरिषा बहन ने सकारात्मक सोच एवं मानसिक संतुलन का महत्व समझाया।

3 फरवरी 2026 को Pedal Against Drug Pedalling नामक जागरूकता कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से No Drugs, Do Yoga विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस पर The Divine Role of Teachers in Today’s World विषय पर कार्यक्रम आयोजित कर शिक्षकों को राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से प्रेरित किया गया एवं उन्हें समाज के आदर्श के रूप में सम्मानित किया गया।

14 जनवरी को आदरणीय उषा दीदी जी एवं कैलाश दीदी जी का आगमन अत्यंत प्रेरणादायक रहा। कैलाश दीदी जी ने मम्मा-बाबा के साथ के अमूल्य अनुभव साझा किए, जबकि उषा दीदी जी ने ब्राह्मण जीवन एवं तीव्र पुरुषार्थ पर मार्गदर्शन दिया। तत्पश्चात माउंट आबू से पधारे बीके रमेश भाई जी ने अपने मधुर गीतों एवं राजयोग कमेंट्री द्वारा सभी को गहन आत्मिक शांति का अनुभव कराया।

वर्ष भर में विभिन्न संस्थानों जैसे ड्राइविंग एवं इंजीनियरिंग ट्रेनिंग सेंटर, ट्रांसपोर्ट वर्कर्स ट्रेनिंग सेंटर एवं सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में Stress Free Living through Rajyoga विषय पर सत्र आयोजित किए गए, जिससे अनेक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को लाभ मिला।

इंटरनेशनल वुमन्स डे के अवसर पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड में आयोजित कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ बहनों ने महिला अधिकारियों को Self Care, Inner Beauty एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया।

इस प्रकार यूनिवर्सल पीस रिट्रीट सेंटर, अमरावती ने वर्ष 2025-26 में समाज के विभिन्न वर्गों तक आध्यात्मिकता, नैतिकता एवं शांति का संदेश पहुँचाते हुए एक सशक्त एवं सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।






















