दिनांक 04 अक्टूबर 2025 को पुणे के पिसोली स्थित जगदम्बा भवन मेडिटेशन रिट्रीट सेंटर में “अस्थिर समय में व्यावहारिक आध्यात्मिकता” विषय पर एक अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायक आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में पुणे शहर के लगभग 80 से अधिक विशिष्ट व्यक्ति शामिल हुए, जिनमें IAS एवं IPS अधिकारी, सरकारी एवं निजी कंपनियों के महाप्रबंधक, CEOs, HR Heads, विभिन्न संस्थाओं के अध्यक्ष, वैज्ञानिक तथा मीडिया प्रतिनिधि शामिल थे।
इस विशेष अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी जयंती दीदी जी मुख्य अतिथि के रूप में पधारीं। उनके प्रेरणादायक शब्दों ने सभी के मन में शांति, आत्मविश्वास और एक नया उद्देश्य जागृत किया।
जगदम्बा भवन की निदेशक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सुनंदा दीदी जी ने सभी का हृदय से स्वागत करते हुए कहा कि आज के अस्थिर समय में आध्यात्मिकता ही सच्चे नेतृत्व और स्थिरता की आधारशिला है।
अपने मुख्य भाषण में जयंती दीदी जी ने कहा कि जीवन में सच्ची शांति बाहरी परिस्थितियों को बदलने से नहीं, बल्कि अपने मन को स्थिर रखने से आती है। उन्होंने कहा, “जब मैं याद करती हूँ कि मैं कौन हूँ – एक शांत आत्मा – तो बाहर की अशांति मेरे भीतर की शांति को प्रभावित नहीं कर सकती।”
दीदी जी ने सभी को सलाह दी कि हर दिन की शुरुआत मौन और आत्मिक जुड़ाव से करें, जिससे दिनभर स्थिरता और शक्ति बनी रहती है।
कार्यक्रम का संवादात्मक सत्र वोक्सवैगन कंपनी के जनरल मैनेजर बी.के. मुकुल पाल चौधरी द्वारा संचालित किया गया। प्रतिभागियों ने तनाव प्रबंधन, निर्णय लेने की कला और करुणा के साथ नेतृत्व जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे। जयंती दीदी जी ने सहज और गहन उत्तर देकर सभी के हृदय को स्पर्श किया।
सत्र के अंत में कुछ मिनटों का सामूहिक ध्यान सत्र हुआ, जिससे पूरे हॉल में गहन शांति और दिव्यता का वातावरण व्याप्त हो गया। प्रतिभागियों ने अनुभव किया कि आध्यात्मिकता जीवन को भीतर से रूपांतरित करने की शक्ति रखती है।
इस प्रकार यह कार्यक्रम सभी उपस्थित व्यक्तियों के लिए प्रेरणा, आत्मिक जागृति और शांति का अमूल्य अनुभव लेकर आया।



























