01 दिसंबर 2025, ईटाह श्रींगार नगर
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ईटाह श्रींगार नगर सेवाकेंद्र में गीता जयंती महोत्सव का शांतिपूर्ण एवं आध्यात्मिक आयोजन हुआ। समाज सेविका पूनम यादव, वरिष्ठ कवयित्री चंद्रेश जैन और नगर पालिका अध्यक्ष सुधा गुप्ता विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में गीता के मूल संदेश—कर्मयोग, सकारात्मकता और आत्मशक्ति—पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। सभी प्रतिभागियों ने राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से शांति और मानसिक सशक्तिकरण का अनुभव किया। मूल्य-आधारित प्रस्तुतियों और भजनों ने वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया।
गीता जयंती महोत्सव ने उपस्थित जनों में आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक जीवन दृष्टि को प्रोत्साहित किया।
01 दिसंबर 2025, रिवालसर
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा गीता जयंती महोत्सव रिवालसर केंद्र पर आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवयित्री एवं बारिस्टर चंद्रेश जैन तथा नगर पालिका अध्यक्ष सुधा गुप्ता उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का विषय गीता जयंती – सकारात्मक कर्म, शांति और आध्यात्मिक जागरण रहा। अतिथियों ने गीता के आदर्शों—धर्म, कर्तव्य, मन की स्थिरता और आत्मबल—पर अपने प्रेरणादायक विचार साझा किए। ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा कराया गया राजयोग मेडिटेशन प्रतिभागियों के लिए शांति और आत्म-सशक्तिकरण का अनुभव बना।
गीता जयंती के इस आयोजन ने उपस्थित सभी लोगों में आध्यात्मिक जागृति और मूल्यनिष्ठ जीवन की प्रेरणा जगाई।
01 दिसंबर 2025, राजकोट अवधपुरी
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, राजकोट अवधपुरी सेवाकेंद्र में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन आध्यात्मिक उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के साथ किया गया। कार्यक्रम का विषय “गीता जयंती – Billion Minutes of Peace” रखा गया, जिसका उद्देश्य गीता के शाश्वत संदेशों को जीवन में अपनाते हुए शांति और संतुलन की भावना को बढ़ावा देना था।
इस अवसर पर बच्चों के लिए विशेष गतिविधियाँ, मूल्य आधारित सत्र तथा राजयोग मेडिटेशन सेशन आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गीता के आधार पर कर्मयोग, आत्मबल, मन की एकाग्रता एवं सकारात्मक जीवन दृष्टि पर सहज एवं प्रेरक रूप में समझाया गया।
कार्यक्रम ने बच्चों और प्रतिभागियों को शांति, मूल्य जागरूकता और आध्यात्मिक जीवनशैली की ओर प्रेरित किया, जिससे गीता जयंती का संदेश और भी प्रभावशाली बना।




























