9 नवम्बर 2025 को उत्तराखंड स्थापना दिवस की रजत जयंती के शुभ अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र, श्रीनगर (गढ़वाल) में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर “मेरी संस्कृति – मेरी पहचान” अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसका मुख्य लक्ष्य उत्तराखंड को विश्व का नंबर-1 आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन स्थल बनाना है।
कार्यक्रम के आरंभ में दीप प्रज्वलन एवं शांतिध्वनि के साथ वातावरण को आध्यात्मिकता से ओतप्रोत किया गया। उपस्थित भाई-बहनों ने मिलकर उत्तराखंड की संस्कृति, शुद्धता और अध्यात्मिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के वरिष्ठ बहनों ने अपने प्रेरणादायक संदेशों के माध्यम से कहा कि — “हमारी संस्कृति ही हमारी असली पहचान है। जब मनुष्य आत्म-स्मृति और ईश्वरीय ज्ञान से जुड़ता है, तभी समाज में सच्चा परिवर्तन आता है।”
कार्यक्रम में विशेष अतिथियों ने भी अपनी शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह अभियान राज्य की आध्यात्मिक धरोहर को नई दिशा देगा और युवा पीढ़ी को अपने मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
कार्यक्रम के समापन पर सभी ने कुछ समय मौन ध्यान में व्यतीत कर विश्व शांति एवं प्रदेश की प्रगति की कामना की। उपस्थित सभी भाई-बहनों ने इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का दृढ़ निश्चय किया।
यह आयोजन उत्तराखंड के लिए एक प्रेरणादायक और ऐतिहासिक क्षण के रूप में याद किया जाएगा, जो राज्य को “विश्व का आध्यात्मिक केंद्र” बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
























