7 से 10 मई 2026 तक हैदराबाद स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के शांति सरोवर परिसर में आयोजित 16वां बीके चिल्ड्रन कैंप “बालालू बंगारू लोकम” बच्चों के लिए एक प्रेरणादायी एवं मूल्यपरक अनुभव बनकर उभरा। 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए आयोजित इस विशेष शिविर में पांच विभिन्न राज्यों से आए बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कार्यक्रम में विविधता एवं उमंग का सुंदर संगम देखने को मिला।
कैंप के दौरान बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु वैल्यू बेस्ड इंटरेक्टिव क्लासेस, मनोरंजक खेल, सामूहिक गतिविधियां, योग एवं रिलैक्सेशन सत्र, प्रेरणादायी कहानियां तथा अनुभव साझा करने जैसे अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सकारात्मक सोच, आत्मनियंत्रण, अनुशासन, कृतज्ञता एवं श्रेष्ठ संस्कारों को सरल और रोचक तरीके से समझने का अवसर प्राप्त हुआ। साथ ही बच्चों को खुलकर अपनी बात रखने, प्रश्न पूछने तथा आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कैंप का शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज़ के अतिरिक्त महासचिव बी के डॉ. मृत्युंजय भाई, स्थानीय प्रभारी बी के कुलदीप दीदी, यूनिसेफ की प्रतिनिधि डॉ. ख्याति तिवारी तथा प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर डॉ. रामाचार्य की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
इस अवसर पर बी के डॉ. मृत्युंजय भाई ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि
राजयोग हमें परमात्मा का संतान बनने का अनुभव कराता है तथा देवतुल्य जीवन जीने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा कि परमात्मा की “शॉप” से हमें खुशी, प्रेम, आनंद, शक्ति एवं श्रेष्ठ संस्कार प्राप्त होते हैं। जब हम अपने संस्कारों का परिवर्तन करते हैं, तभी संसार परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है।
कार्यक्रम में बच्चों को अपने सपनों एवं लक्ष्यों को लिखने तथा उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी गई। वक्ताओं ने कहा कि
राष्ट्र, समाज और सम्पूर्ण विश्व का भविष्य बच्चों के हाथों में है तथा उन्हें विश्व संरक्षण की जिम्मेदारी को समझते हुए श्रेष्ठ जीवन मूल्यों को अपनाना चाहिए।
यूनिसेफ की प्रतिनिधि डॉ. ख्याति तिवारी ने ब्रह्माकुमारीज़ एवं यूनिसेफ के साझा उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि
दोनों संस्थाएं समाज के वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों तक सकारात्मक शिक्षा और संस्कार पहुंचाने के लिए साथ मिलकर कार्य कर सकती हैं।
विशेष आकर्षण के रूप में युवा टीडीएक्स वक्ता एवं दिव्यांग बाल प्रतिभा प्रथमेश ने
अपनी प्रेरणादायी जीवन यात्रा साझा की। उन्होंने बच्चों को नियमित मेडिटेशन, सकारात्मक चिंतन एवं मुरली अध्ययन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य एवं स्मरण शक्ति को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया।
पूरे कैंप का सफल संचालन बी के सुमलता एवं बी के अनुपमा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर के अंत में बच्चों ने इसे एक यादगार एवं जीवन को नई दिशा देने वाला अनुभव बताया।





























