21 जून 2026 को कोलकाता में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा भारतीय संग्रहालय (Indian Museum) तथा भारतीय संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से ‘आई पॉज़ फॉर पीस’ अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। भागदौड़, तनाव और निरंतर व्यस्त जीवन के बीच एक क्षण रुककर स्वयं से जुड़ने तथा आंतरिक शांति का अनुभव करने का प्रेरणादायी संदेश इस अभियान के माध्यम से दिया गया। कार्यक्रम में लगभग 500 लोगों ने सहभागिता कर शांति और सकारात्मक जीवनशैली का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल सरकार की नगर पालिका एवं शहरी विकास मंत्री श्रीमती अग्निमित्रा पॉल ने ‘इनर लाइट, इनर जॉय’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा पीस प्लेज वॉल पर अपना शांति संकल्प लिखकर अभियान को शुभकामनाएँ दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जब भी वे ब्रह्माकुमारीज़ के संपर्क में आती हैं, उन्हें सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अशांत विश्व में यह संस्था शांति का एक सजीव और प्रेरणादायी केंद्र है।
इस अवसर पर भारतीय संग्रहालय के निदेशक डॉ. सायन भट्टाचार्य, बी.डी. मेमोरियल स्कूल के निदेशक श्री सुमन सूद तथा मणिपाल हॉस्पिटल की क्लस्टर हेड मार्केटिंग सुश्री सोमा चक्रवर्ती ने भी अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में स्वयं के लिए कुछ समय निकालकर मन को समझना और आंतरिक शांति का अनुभव करना अत्यंत आवश्यक है। बच्चों और युवाओं में सकारात्मक सोच, सहानुभूति, शांति तथा मानवीय मूल्यों का विकास भविष्य के सशक्त समाज की आधारशिला है।
मुंबई से पधारे प्रोफेसर ई. वी. गिरीश ने अत्यंत प्रभावशाली एवं रोचक गतिविधियों के माध्यम से उपस्थितजनों को
‘आई पॉज़’ का वास्तविक अर्थ समझाया। उन्होंने बताया कि मन के अनावश्यक हस्तक्षेपों को शांत कर आत्मा के मूल गुण—शांति, सुख और सम्मान—का सहज अनुभव किया जा सकता है। स्थानीय प्रभारी बीके मुन्नी दीदी ने अपने संदेश में जीवन में सरल विचार, सरल स्वभाव और सरल कर्म अपनाने पर बल देते हुए कहा कि यही आत्मसम्मान और स्थायी शांति का आधार है।
कार्यक्रम स्थल पर आयोजित ‘इनर लाइट, इनर जॉय’ प्रदर्शनी, पॉज़िटिव वाइब्स सेल्फी स्पॉट, फॉरगिवनेस कॉर्नर तथा पीस प्लेज वॉल सभी के आकर्षण का केंद्र रहे और उपस्थितजनों ने इनका उत्साहपूर्वक लाभ उठाया।
इसी दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में कोलकाता के ऐतिहासिक विक्टोरिया मेमोरियल हॉल में 1500 से अधिक साधकों ने एक साथ गहन राजयोग मेडिटेशन का अनुभव किया। मुंबई से आए प्रोफेसर ई. वी. गिरीश तथा ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय से पधारी बीके सुप्रिया बहन ने सामूहिक ध्यान सत्र का संचालन किया।
स्थानीय प्रभारी बीके मुन्नी दीदी ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि
आज के समय में योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और आत्मिक जागृति का भी सशक्त साधन है। हजारों साधकों की एकाग्र उपस्थिति और सामूहिक राजयोग ध्यान की दिव्य अनुभूतियों से यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का एक अविस्मरणीय अध्याय बन गया तथा समाज में शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रभावशाली संदेश प्रसारित हुआ।































