2 अगस्त 2026 को ब्रह्माकुमारीज़ की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यस्मृति के उपलक्ष्य में 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का शुभारंभ किया गया। भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ करते हुए देशवासियों से नशा मुक्त भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
शांतिवन में आयोजित मुख्य समारोह में लगभग 10,000 लोगों ने एक साथ नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में देशभर के प्रमुख रिट्रीट सेंटरों एवं सेवा केंद्रों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता निभाई। आध्यात्मिक वातावरण में उपस्थित सभी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करते हुए स्वयं और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
अभियान के प्रथम दिन ही प्राप्त आँकड़ों के अनुसार डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा ली। इस महाअभियान में 37 राज्यों, 18 जोन, 535 गाँवों तथा 10,771 सेवा केंद्रों की सक्रिय भागीदारी रही। भागीदारी में कर्नाटक प्रथम, छत्तीसगढ़ द्वितीय तथा महाराष्ट्र तृतीय स्थान पर रहे।
ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा यह अभियान 6 अगस्त 2026 तक पूरे देश में जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य समाज को नशे की बुराइयों से मुक्त कर स्वस्थ, संस्कारवान एवं मूल्यनिष्ठ भारत के निर्माण में जनसहभागिता सुनिश्चित करना है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए हजारों सेवा केंद्रों, गीता पाठशालाओं एवं समर्पित स्वयंसेवकों द्वारा व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्ति केवल व्यक्तिगत परिवर्तन का नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से आत्मबल बढ़ाकर व्यक्ति सहज रूप से नशे जैसी बुराइयों से मुक्त होकर सुख, शांति और सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर हो सकता है।





















