22 फरवरी 2026 को नया रायपुर, छत्तीसगढ़ स्थित ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान इंदौर जोन द्वारा निर्मित विशालकाय शांति शिखर में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित हुआ। मात्र साढ़े तीन महीने पूर्व देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कर कमलों द्वारा जिसका लोकार्पण किया गया था, वही शांति शिखर आज आध्यात्मिक ऊर्जा का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है।
प्रधानमंत्री जी ने उद्घाटन के समय कहा था कि यह स्थल आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनेगा, और उनका यह संकल्प उस समय साकार होता दिखाई दिया जब छत्तीसगढ़ सरकार बजट सत्र के पश्चात “ज्ञान धन का बजट” बनाने के लिए संपूर्ण मंत्रिमंडल सहित शांति शिखर पहुंची। इस अवसर पर पक्ष और विपक्ष दोनों की गरिमामयी उपस्थिति ने राजनीति में एक नई सकारात्मक पहल की मिसाल प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष श्री चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित मंत्रिमंडल के अनेक सदस्य एवं विधायकगण ब्रह्मकुमारीज के शांति सरोवर परिसर पहुंचे। यह अवसर केवल औपचारिक भेंट नहीं था, बल्कि आत्मिक उत्थान, सामाजिक समरसता और सकारात्मक चिंतन का प्रतीक बन गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि
शांति शिखर और शांति सरोवर जैसे आध्यात्मिक स्थल आत्मिक उन्नति के केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि यहां आकर सच्ची मन की शांति और ईश्वरीय प्रेम की अनुभूति होती है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में समरसता और सकारात्मकता लाने के लिए ऐसे आध्यात्मिक संवाद अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के आशीर्वाद की आवश्यकता पर बल देते हुए निरंतर सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा व्यक्त की।
कार्यक्रम में ब्रह्मकुमारीज के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय से संस्था के अतिरिक्त महासचिव बी के डॉ. मृत्युंजय भाई, मीडिया प्रभाग के उपाध्यक्ष बी के आत्म प्रकाश भाई, इंदौर जोन की निदेशिका बी के हेमलता दीदी, रायपुर क्षेत्र की प्रभारी बी के सविता दीदी, भिलाई सेवा केंद्रों की प्रभारी बी के आशा दीदी सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने अपने संदेश में नैतिक मूल्यों, संयमित जीवनशैली और राष्ट्र निर्माण में आध्यात्मिकता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों को पुनः माउंट आबू (मधुबन) पधारने का स्नेहिल निमंत्रण दिया गया, ताकि छत्तीसगढ़ में की गई विशेष ईश्वरीय सेवाओं के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा सके। सभी अतिथियों को बार-बार शांति शिखर और शांति सरोवर में आकर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का निमंत्रण दिया गया। यह भी कहा गया कि यह ईश्वरीय दरबार सभी के लिए सदा खुला है।
शांति सरोवर और शांति शिखर के समीप विधानसभा की उपस्थिति एक सुंदर संयोग है, जो यह दर्शाता है कि शासन और आध्यात्मिकता का संगम समाज के कल्याण के लिए नई दिशा दे सकता है। प्रतिवर्ष यहां आकर आध्यात्मिक भोजन ग्रहण करने की परंपरा सभी के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।
इस ऐतिहासिक अवसर ने यह सिद्ध कर दिया कि शांति शिखर – एकेडमी फॉर अ पीसफुल वर्ल्ड आने वाले समय में विश्व शांति के सार्थक प्रयासों का प्रमुख केंद्र बनेगा और आध्यात्मिक ऊर्जा से समाज को नई दिशा प्रदान करता रहेगा।
































