ब्रह्माकुमारी संस्थान की पूर्व प्रशासिका राजयोगिनी डॉ. दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि, जिसे विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है, के उपलक्ष्य में वसंत नगर स्थित विदर्भ स्तरीय मुख्यालय सेवाकेन्द्र पर एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम समाज सेवा प्रभाग द्वारा आयोजित किया गया जिसमें कुल 225 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया।
रक्तदान शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद भ्राता मनोज यादव जी, मेडिकल गवर्नमेंट कॉलेज के वाइस डीन भ्राता डॉ. उदय नारलावार जी, बीके डॉ. कीर्ति जयसवाल, लॅब इंचार्ज GMC, नागपुर सेवा केन्द्र की उपसंचालिका राजयोगिनी बीके मनिषा दीदी, एवं राजयोगी ब्रह्माकुमार प्रेमप्रकाश जी उपस्थित थे।
विशेष संदेश
भ्राता मनोज यादव जी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि वे स्वयं को भाग्यशाली मानते हैं कि इस अद्वितीय आध्यात्मिक मंच से जुड़े हैं। उन्होंने इसे दुनिया की भीड़-भाड़ से अलग एक विशेष अनुभव बताया।
डॉ. नारलावार जी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ की विचारधारा इतनी शक्तिशाली है कि यह जीवन को नई दिशा देती है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाती है। उन्होंने रक्तदान को सबसे सरल और श्रेष्ठ दान बताया जो अनगिनत जीवन बचाता है।
नागपुर सेवा केन्द्र के बीके यशवंत भाई ने पहली बार रक्तदान का अनुभव साझा करते हुए कहा कि इससे उन्हें अपार खुशी प्राप्त हुई।
राजयोगिनी बीके मनिषा दीदी जी ने बताया कि भारत और नेपाल में 22 से 25 अगस्त तक चल रहे इस महाअभियान का लक्ष्य 1 लाख यूनिट रक्त एकत्रित कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना है। उन्होंने रक्तदान को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताते हुए कहा कि रक्तदान से हम पुण्य और दुआओं का खाता दोनों जमा कर सकते हैं।
विशेष जानकारी
रक्तदान शिविर में कुल 225 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ। इस अवसर पर लगभग 1500 ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्य दादी प्रकाशमणि जी को श्रद्धांजलि देने उपस्थित रहे। सभी ने माल्यार्पण कर दादी जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का हिस्सा रहे लोगों ने यह अनुभव किया कि रक्तदान जीवनदान है और यह विश्व बंधुत्व की भावना को साकार करता है।































