विश्व बंधुत्व दिवस एवं ब्रह्माकुमारी संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सुख शांति भवन, नीलबड़ में दो दिवसीय रक्तदान शिविर का शुभारंभ हुआ। यह शिविर संस्था के राष्ट्रव्यापी रक्तदान महाअभियान का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत 22 अगस्त को देशभर में 270 शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य गिनीज़ बुक में रिकॉर्ड दर्ज कराना है।
सुख शांति भवन की निदेशिका आदरणीय राजयोगिनी नीता दीदी एवं साथी ब्रह्माकुमारी बहनों ने स्वयं रक्तदान कर शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल जीवनदान नहीं है, बल्कि करुणा, सहयोग और भाईचारे की मिसाल है। दादी प्रकाशमणि जी का जीवन मानवता की सेवा और विश्व बंधुत्व को समर्पित रहा है, और यह शिविर उन्हीं के आदर्शों को आगे बढ़ाता है।
पहले दिन सैकड़ों युवाओं, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संस्थानों के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रक्तदान किया। नगरवासियों में इस शिविर को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर हमीदिया अस्पताल के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट डॉ. संजीव जयंत ने रक्तदान के स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित रक्तदान से रक्त निर्माण की प्रक्रिया तेज होती है, रक्त स्वच्छ रहता है तथा हृदय रोगों की संभावना कम होती है।
शिविर में सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की सामूहिक प्रतिज्ञा भी दिलाई गई। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाएँगे और समाज में भी इस संदेश का प्रचार करेंगे। साथ ही रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और दादी प्रकाशमणि जी के जीवन से प्रेरक प्रसंग साझा किए गए।
यह शिविर कल, रविवार 24 अगस्त को भी सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा। संस्था ने नगरवासियों, युवाओं एवं समाजसेवियों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की है ताकि दादी जी का संदेश—“वसुधैव कुटुम्बकम” अर्थात पूरा विश्व ही एक परिवार है—जन-जन तक पहुँचे।




























