Brahma Kumaris

अपने मन को भावनात्मक रूप से नियंत्रित करने के सरल कदम

अपने मन को भावनात्मक रूप से नियंत्रित करने के सरल कदम
Watch VideoClick to play
Journey
Key Takeaway

जब हमारी भावनाओं का नियंत्रण हमारे अपने हाथ में होता है, तब कोई भी परिस्थिति हमारी शांति नहीं छीन सकती। आइए जानें कि भावनात्मक रूप से स्व नियंत्रण का अभ्यास करके हम हर स्थिति में स्थिर, शक्तिशाली और प्रसन्न कैसे रह सकते हैं।

आज दुनिया में हमारी भावनाएं अक्सर बाहरी परिस्थितियों के अनुसार बदलती दिखाई देती हैं। ऐसे समय में अशांति के बीच शांत और स्थिर बने रहना एक अनमोल शक्ति है। हम अक्सर सुनते हैं —

“मुझे गुस्सा मत दिलाओ”

जैसे हमारी भावनाएं पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हों। लेकिन क्या सच में ऐसा है? इस लेख में हम समझेंगे कि भावनात्मक रूप से स्व निरंतरण होना क्या है और हम बाहरी परिस्थितियों के बावजूद अपनी भावनाओं पर कैसे अधिकार रख सकते हैं।

भावनात्मक आत्म-नियंत्रण क्या है और यह क्यों आवश्यक है

यह मानना कि दूसरे लोग हमारी भावनाओं को नियंत्रित करते हैं, एक सामान्य सोच है। यह ऐसा है जैसे हमारा मन एक टीवी हो और उसका रिमोट दूसरों के हाथ में हो। वे सही बटन दबाएं तो हम खुश, और गलत बटन दबाएं तो हम दुखी हो जाएं। लेकिन वास्तव में रिमोट हमारे अपने हाथ में होना चाहिए।

“हमारी भावनात्मक स्थिति – हमारी स्व-स्थिति – हमारी स्वयं की जिम्मेदारी है। यह बाहरी परिस्थिति या दूसरों की स्थिति से तय नहीं होती।”

आंतरिक शांति के लिए 24 घंटे का भावनात्मक उपवास

कल्पना कीजिए कि आप 24 घंटे का उपवास करें, भोजन का नहीं, बल्कि नकारात्मक भावनात्मक प्रतिक्रियाओं का। चाहे कैसी भी परिस्थिति हो या किसी का कैसा भी व्यवहार हो, हम स्थिर और शांत रहने का प्रयास करें। अपनी मूल सकारात्मक विशेषताओं या 'संस्कारों' के आधार पर प्रतिक्रिया दें। यह अभ्यास नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय है। यही भावनात्मक शक्ति और सहनशक्ति की सच्ची परीक्षा है।

कठिन परिस्थितियों में अपनी प्रतिक्रिया कैसे चुनें?

जब भी हम नकारात्मकता का सामना करते हैं, चाहे वह किसी सहकर्मी का गुस्सा हो या कोई तनावपूर्ण स्थिति, हमारे पास हमेशा चुनाव होता है। हम या तो उस नकारात्मकता से प्रभावित हो सकते हैं, या फिर स्वयं शांत और स्थिर रह सकते हैं। और अपनी स्थिरता से दूसरों को भी सहज महसूस करा सकते हैं। यह चुनाव हमारे रोज़मर्रा के संबंधों में भी लागू होता है, जहाँ हम दूसरों के व्यवहार के बावजूद शांति, प्रेम और सम्मान से प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

कृतज्ञता कैसे भावनात्मक शक्तियों को बढ़ाती है

हमारा मन एक बच्चे की तरह कोमल, नरम और सीखने वाला होता है। वह हमारी सोच के अनुसार चलता है। जब हम नियमित रूप से कृतज्ञता का अभ्यास करते हैं—सुबह परमात्मा को धन्यवाद देते हैं, अपने शरीर और आसपास के माहौल को धन्यवाद देते हैं, और उन लोगों का भी धन्यवाद देते हैं जो हमें चुनौती देते हैं — तब हमारी आंतरिक शक्ति बढ़ने लगती है। विशेष रूप से कठिन लोगों और परिस्थितियों के प्रति कृतज्ञता हमें भीतर से मजबूत बनाती है और जीवन की चुनौतियों का सामना सकारात्मक दृष्टिकोण से करना सिखाती है।

सकारात्मक सोच आपकी भावनात्मक वास्तविकता कैसे बनाती है

हमारे विचार हमारी वास्तविकता बनाते हैं। जब हम यह संकल्प लेते हैं — “मैं एक शक्तिशाली आत्मा हूँ” और “मैं हमेशा खुश हूँ,” तब हम अपने दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा से करते हैं। यह केवल एक कल्पना नहीं है, बल्कि ऐसा दृष्टिकोण है जो मन को हर परिस्थिति में मजबूत और सफल बनाता है।

भावनात्मक आत्म-नियंत्रण के मुख्य पॉइंट्स

भावनात्मक रूप से स्व नियंत्रण करना अर्थात भावनाओं को दबाना नहीं है, बल्कि उन्हें समझना और सही दिशा देना है, ताकि वे हमारे कल्याण और आत्म-विकास में सहायक बन सकें। जब हम अपने मन का रिमोट अपने हाथ में रखते हैं, कृतज्ञता का अभ्यास करते हैं, और अपनी आंतरिक शक्ति व खुशी को याद रखते हैं, तब हम न केवल अपना जीवन बेहतर बनाते हैं, बल्कि अपने आसपास के लोगों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

आत्म-विकास के लिए चिंतन करने योग्य प्रश्न

आइए आत्म चिंतन करें,

  • आमतौर पर कौन-सी परिस्थितियां आपके भावनात्मक संतुलन को चुनौती देती हैं, और आप उन्हें अलग तरीके से कैसे संभाल सकते हैं?
  • आप अपनी दिनचर्या में कृतज्ञता का अभ्यास कैसे जोड़ सकते हैं?
  • आप स्वयं को किस प्रकार याद दिला सकते हैं कि आप अपनी भावनाओं के मालिक हैं?
दिन की शुरुआत इस मेडिटेशन से करें

दिन की शुरुआत इस मेडिटेशन से करें

अब इन विचारों को केवल पढ़ें नहीं, बल्कि अनुभव करें। इस कुछ मिनट के राजयोग के माध्यम से अपनी आंतरिक शक्ति को जागृत करें और स्वयं को याद दिलाएँ—मैं अपने मन और भावनाओं की मालिक हूँ।

अभी अनुभव करें

इन संकल्पों को दोहराएं:

“मैं एक शक्तिशाली आत्मा हूँ।” मेरे जीवन का रिमोट मेरे हाथ में है।

“मैं हमेशा खुश हूँ।” इन सच्चाइयों को अपने भीतर अनुभव करें।

याद रखें, आपके पास अपने विचारों और प्रतिक्रियाओं द्वारा एक सुंदर और शांत जीवन बनाने की अनमोल शक्ति है।

आज का अभ्यास

आज 24 घंटे का भावनात्मक उपवास रखे। हर परिस्थिति में, चाहे दूसरे कैसे भी व्यवहार करें, शांति और सकारात्मकता से प्रतिक्रिया देने का सचेत अभ्यास करें।

किसे भेजें यह संदेश?किसी को आज इसकी जरूरत है

शेयर

रोज़ सुबह ज्ञान — WhatsApp चैनल पर

हर सुबह एक प्रेरणादायक संदेश सीधे आपके फ़ोन पर

2 आसान कदम

1
चैनल को Follow करें
2
ऊपर दिख रहे बेल आइकन पर टैप करेंयह नोटिफिकेशन चालू कर देता है

जेंटल रिमाइंडर: Follow करने के बाद बेल 🔔 पर टैप करना न भूलें — ताकि हर सुबह का संदेश आप तक पहुँचता रहे।

अपनी पसंद की भाषा चुनें

निजी चैनल — आपकी पहचान कोई नहीं देख सकता

More Articles

View All