अपने रोल से होने वाले तनाव से बचें - यह केवल एक रोल है

हम सभी अपने जीवन में कई प्रकार की भूमिकाएँ/ रोल निभाते हैं और इन्हें निभाते हुए हम तनाव को स्वाभाविक मान लेते हैं। रोल कांशियसनेस हमें हमारी स्थिति, उपलब्धियों और उम्र के आधार पर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। लेकिन कभी-कभी हम अपनी भूमिकाओं, रिश्तों या पदों के लेबल से इतना जुड़ जाते हैं कि यह उम्मीदें, प्रतिस्पर्धा और नियंत्रण पैदा करता है, जिससे तनाव होता है। आइए, इससे जुड़ी बातों को जानें:
- 1पूरे दिन भर अपनी कांशियसनेस को चेक करें। क्या आप अपनी लाइफ के हर दृश्य को पति/पत्नी, माता-पिता, वरिष्ठ, कनिष्ठ जैसी भूमिकाओं के अहंकार के साथ निभा रहे हैं? क्योंकि, अपनी भूमिकाओं से पहचान कर, आप अपने दिमाग में बनाई गई भूमिका (किरदार) की छवि की तरह व्यवहार करने लगते हैं।
- 2जैसे एक डिस्चार्ज मोबाइल फोन कोई काम नहीं कर सकता। लेकिन अगर हम उसे 30 मिनट चार्ज करें, तो वह कई कार्य करने के लिए उपयोगी हो जाता है। उसी तरह, दिन भर की अपनी कई भूमिकाएँ निभाने के लिए, सुबह 30 मिनट तक आध्यात्मिक ज्ञान पढ़कर, सुनकर या योग करके स्वयं को चार्ज करें।
- 3याद रखें, यदि परिस्थितियाँ हमारे अनुकूल नहीं हैं और गलत भी हैं, तो भी आत्मा के गुणों को ही एक्सप्रेस करें। हर बातचीत में, दूसरों की भूमिकाओं से पहले उनके अंदर के अस्तित्व से जुड़ें। इससे सच्चे सम्मान और उनके पद के प्रति आदर का आधार बनता है।
- 4आप आत्मा एक अभिनेता हैं जो इस विश्व रूपी नाटक मंच पर अपने शरीर अथवा भूमिका के माध्यम से हर दृश्य को निभा रहे हैं। तो सुनिश्चित करें कि, आपके हर एक्शन में आपके वास्तविक गुण; शांति, आनंद, प्रेम और पवित्रता झलकें। फिर देखिए, आपकी हर भूमिका कितनी सहज हो जाती है।
आज का अभ्यास
आज हर भूमिका निभाते समय स्वयं को पहले आत्मा और फिर अभिनेता के रूप में याद करें। यह स्मृति अपेक्षाओं को हल्का कर मन को शांत और स्थिर बनाए रखेगी।
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