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स्वयं खुशियों का अनुभव करें और दूसरों को कराएं (भाग 3)

स्वयं खुशियों का अनुभव करें और दूसरों को कराएं (भाग 3)
Journey

खुशियों भरी बातचीत से दिन की शुरुआत करने से, हम अपने जीवन में आने वाली सभी चिंताओं और तनाव से फ्री हो सकते हैं। साथ ही, खुशियों से भरपूर जीवन हमें स्वयं को अचल अडोल/ स्थिर और भावनात्मक रूप से शक्तिशाली बनाने का सबसे अच्छा तरीका है। आप सिर्फ एक दिन के लिए इसे आजमाएं, जो भी मिले उसे खुशी की खुराक दें और अगले दिन ऐसा न करें, आप पाएंगे कि,

जिस दिन आपने खुशियां बांटी, उस दिन आप खुद को अंदर से सशक्त महसूस करेंगे।

इसके अलावा, आप अपने जीवन की मुश्किलों का भी सहजता और स्टेबिलिटी के साथ सामना कर पायेंगे।

जीवन के ऐसे अनदेखे उपहार जो हमारे इनर व्यक्तित्व के संस्कार हों, उन्हें सभी के साथ बांटे जैसेकि, आप खुशियों से भरी किसी यात्रा पर हों और इन्हीं फीलिंग्स के साथ आपका दिन भी बहुत जल्दी बीत जाएगा। हमेशा अपनी विशेषताओं का उपहार सभी को बांटे, इन्हें अपने पास न रखकर दूसरों को देने में अपना बड़ा दिल दिखाएं। मान लीजिए, किसी के पास आत्मविश्वास के साथ बोलने का गुण है, तो उस विशेषता को अपने तक ही सीमित न रख, उसके द्वारा हर एक को खुशी देते हुए उत्साह बढ़ाना है। यदि आप बहुत विनम्र हैं और सबके प्रति शुभकामना रखते हैं तो उन्हें अपने अंदर ही न रखकर, बल्कि अपने शब्दों और बातचीत के माध्यम से व्यक्त करें और सभी को अपनी सद्भावना से खुशी का एहसास कराएं। इसके अलावा मान लीजिए कि, आप बहुत बुद्धिमान हैं, और अपने व्यक्तित्व और विवेक द्वारा इस दुनिया की कई बातों के बारे में दूसरों की मदद करते हैं। यह सभी खुशियां फैलाने के तरीके हैं। याद रखें कि, अपनी विशेषताओं को अपने अंदर न रखकर दूसरों के साथ शेयर करें। अपनी इन विशेषताओं के वायब्रेशन, अपने आसपास के लोगों तक फैलाएं जिससे यह जीवन न केवल आपके लिए बल्कि आपके आसपास के लोगों के लिए भी प्यार से भरपूर और आनंदमय हो जाएगा।

दादी जानकी जी – एक ऐसा जीवन जो आज भी हृदयों को स्पर्श करता है

दादी जानकी जी – एक ऐसा जीवन जो आज भी हृदयों को स्पर्श करता है

एक छोटी बालिका के रूप में परमात्मा की सच्ची खोज से लेकर, एक वैश्विक आध्यात्मिक निमित्त बनने तक — उनकी जीवन यात्रा शांत साहस, गहन अनुशासन और ऐसी ईश्वरीय स्मृति से भरी है, जिसे शब्दों में नहीं समझाया जा सकता… केवल अनुभव किया जा सकता है। उनके 6वें पुण्य स्मृति दिवस पर, आइए उस जीवन की कहानी को जानें जो आज भी पूरे विश्व के हृदयों को स्पर्श कर रही है

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आज का अभ्यास

आज का अभ्यास करें हर मिलने वाले को खुशी का अनुभव कराएं अपने शब्दों और व्यवहार से सकारात्मक ऊर्जा फैलाएं और देखें कैसे आप भीतर से सशक्त बनते हैं

किसे भेजें यह संदेश?किसी को आज इसकी जरूरत है

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